शुक्रवार को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद तेजी दर्ज की गई और प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 413.66 अंक यानी करीब 0.56 प्रतिशत बढ़कर 74,729.27 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 148.81 अंक की बढ़त के साथ 23,146.15 अंक पर पहुंच गया।
टेक महिंद्रा के तिमाही नतीजों के बाद आईटी शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जिससे प्रमुख सूचकांकों को समर्थन मिला। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रुपये में मजबूती भी बाजार में दर्ज तेजी के दौरान देखने को मिली। हालांकि, वित्तीय सेवाओं, एफएमसीजी और तेल एवं गैस से जुड़े कुछ शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों की बढ़त में योगदान दिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और भारती एयरटेल के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। फार्मा, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्रों के चुनिंदा शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
आईटी शेयरों में लगातार चौथे सत्र में तेजी
आईटी सेक्टर बाजार की तेजी के प्रमुख क्षेत्रों में रहा। टेक महिंद्रा के तिमाही नतीजों के बाद आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी दर्ज की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आईटी शेयरों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त जारी रही।
आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे कारोबार की स्थिति, मांग और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े संकेतों के लिए निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। मजबूत प्रदर्शन से जुड़े समाचारों के बाद पूरे सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। आगे शेयरों की दिशा कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन, वैश्विक मांग और कारोबारी लागत जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।
बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी बाजार में दर्ज तेजी के दौरान प्रमुख कारकों में शामिल रही। बॉन्ड यील्ड में बदलाव ब्याज दरों और बॉन्ड बाजार की स्थितियों के साथ निवेशकों के निवेश संबंधी फैसलों को प्रभावित कर सकता है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल और महंगाई के दबाव से जुड़े जोखिमों पर असर पड़ सकता है।
रुपये में लगातार पांचवें सत्र में मजबूती
कारोबार के दौरान भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे मजबूत होकर 94.95 के अस्थायी स्तर पर पहुंचा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रुपये में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूती दर्ज की गई।
आईटी शेयरों के अलावा मीडिया, मेटल्स, सीमेंट और ऑटो सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, वित्तीय सेवाओं, एफएमसीजी, तेल एवं गैस और निजी बैंकों के कुछ शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा।










