अमेरिकी टैरिफ फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। सेंसेक्स 200 अंक लुढ़का और निफ्टी 23,450 के नीचे खुला, बाजार में दबाव बना रहा।
Opening Bell: गुरुवार, 27 मार्च को घरेलू शेयर बाजार अमेरिकी ऑटो आयात पर नए टैरिफ की घोषणा के चलते कमजोर शुरुआत के साथ खुले। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 2 अप्रैल से अमेरिका में निर्मित न होने वाली सभी कारों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। इस फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में गिरावट देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 200 से अधिक अंक गिरकर 77,087.39 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी50 (Nifty50) 40 अंक या 0.17% की गिरावट के साथ 23,446.35 पर ओपन हुआ।
निफ्टी का सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
बजाज ब्रोकिंग के अनुसार, निफ्टी निकट भविष्य में 23,850-23,200 की सीमा में समेकित हो सकता है। हाल ही में मात्र 15 सत्रों में 1,900 अंकों की तीव्र तेजी के कारण ओवरबॉट स्थिति विकसित हो चुकी है। निचले स्तर पर 23,200 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल रहेगा, जो हाल ही में ब्रेकआउट क्षेत्र था।
बुधवार को बाजार की स्थिति
पिछले सात सत्रों की लगातार तेजी के बाद बुधवार को बाजार में गिरावट देखी गई। अमेरिकी टैरिफ नीतियों में स्पष्टता की कमी और मुनाफावसूली के कारण निफ्टी 181 अंक (0.77%) गिरकर 23,486.85 पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स भी 728.69 अंक (0.93%) की गिरावट के साथ 77,288.50 के स्तर पर बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों का हालअमेरिकी बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा।
S&P 500 1.12% गिरकर 5,712.20 पर बंद हुआ।
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.31% गिरकर 42,454.79 पर बंद हुआ।
नैस्डैक कंपोजिट 2.04% गिरकर 17,899.01 के स्तर पर पहुंचा।
टेक सेक्टर में भारी गिरावट देखी गई, जिसमें NVIDIA के शेयरों में 6%, मेटा और अमेज़न के शेयरों में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। अल्फाबेट में 3% और टेस्ला में 5% से अधिक की गिरावट रही।
एशियाई बाजारों की प्रतिक्रिया
एशियाई बाजारों में गुरुवार को मिलाजुला रुख देखा गया। चीनी बाजारों में मजबूती दर्ज की गई, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में गिरावट देखी गई।
जापान का निक्केई 225 0.99% गिरा।
टॉपिक्स इंडेक्स 0.48% नीचे आया।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.94% गिरा।