केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने देश के तटीय सुरक्षा और तस्करी के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक अनूठी सायक्लोथॉन का आयोजन किया। इस 'ग्रेट इंडियन कोस्टल सायक्लोथॉन' का समापन 31 मार्च 2025 को कन्याकुमारी में हुआ।
CISF: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने समुद्री सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी और हथियार तस्करी के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक साइकिल रैली का आयोजन किया। इस साइकिल रैली की शुरुआत 7 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरी झंडी दिखाकर की थी। रैली ने 6,553 किलोमीटर की दूरी तय की और 11 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से होकर सोमवार को कन्याकुमारी में संपन्न हुई।
समापन समारोह 31 मार्च को विवेकानंद स्मारक, कन्याकुमारी में 'सुरक्षित तट, समृद्ध भारत' की भावना के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर 'ग्रेट इंडियन कोस्टल सायक्लोथॉन' के रूप में रैली का समापन हुआ। सायक्लोथॉन में 2.5 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया। पूरे सफर के दौरान प्रमुख हस्तियों और आम जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे यह आयोजन सफल और प्रेरणादायी बना।
सायक्लोथॉन की शुरुआत और यात्रा
इस ऐतिहासिक सायक्लोथॉन की शुरुआत 7 मार्च 2025 को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर की गई। इस रैली में 125 समर्पित CISF साइक्लिस्ट्स ने भाग लिया, जिसमें 14 महिलाएं भी शामिल थीं। यात्रा के दौरान सायक्लिस्ट्स ने 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरते हुए देश के पूर्वी और पश्चिमी तटों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी
सायक्लोथॉन के दौरान तटीय क्षेत्रों में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्थानीय समुदायों, सरकारी अधिकारियों, खेल और फिल्म जगत की हस्तियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख तटीय शहरों जैसे मुंबई, चेन्नई, विशाखापत्तनम और कन्याकुमारी में आयोजित कार्यक्रमों में लाखों लोगों ने सहभागिता दिखाई।
तटीय सुरक्षा का महत्व
भारत की तटीय सुरक्षा देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश के तटों पर स्थित 250 से अधिक बंदरगाहों में से 72 प्रमुख बंदरगाह भारत के कुल व्यापार का 95% मात्रा और 70% मूल्य संभालते हैं। CISF पिछले पांच दशकों से इन बंदरगाहों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सायक्लोथॉन के माध्यम से 2.5 करोड़ से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचा। इस पहल ने समुद्री सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का एहसास दिलाया। स्थानीय निवासियों ने तटीय सुरक्षा में CISF के योगदान की सराहना की और सायक्लोथॉन के उद्देश्यों को समर्थन दिया।
भविष्य की दिशा
इस आयोजन ने तटीय सुरक्षा के सामने मौजूद चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श का अवसर प्रदान किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह सायक्लोथॉन न केवल तटीय सुरक्षा बल्कि देश की एकता और अखंडता का भी प्रतीक है। यह पहल भारत की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को उजागर करती है।
कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद स्मारक में आयोजित समापन समारोह में CISF के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। समारोह में 'सुरक्षित तट, समृद्ध भारत' की भावना के साथ तटीय सुरक्षा के प्रति संकल्प को दोहराया गया।