लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश हुआ, विपक्ष ने विरोध किया। किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "मोदी सरकार नहीं होती तो संसद भवन भी वक्फ का हो जाता।"
Waqf Amendment Bill: बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारी हंगामे के बीच इस विधेयक को सदन में रखा। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने विधेयक का कड़ा विरोध किया, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें करारा जवाब दिया।
अमित शाह का विपक्ष पर पलटवार
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक को संसद की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है और कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि यदि यह विधेयक कैबिनेट की मंजूरी के बिना आता तो विपक्ष के विरोध का औचित्य होता। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यह कांग्रेस के जमाने जैसी कमेटी नहीं है, हमारी कमेटियां सोच-समझकर काम करती हैं।"
कांग्रेस पर किरेन रिजिजू का हमला
विधेयक पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2013 में यूपीए सरकार ने वक्फ बोर्ड के नियमों में बदलाव किया और दिल्ली की 123 संपत्तियों को वक्फ को सौंप दिया। उन्होंने कहा, "अगर मोदी सरकार यह बिल नहीं लाती, तो संसद भवन भी वक्फ संपत्ति बन सकता था। अगर कांग्रेस सरकार और आगे रहती, तो पता नहीं कितनी और संपत्तियां वक्फ के नाम कर दी जातीं।"
विपक्ष के विरोध पर रिजिजू का जवाब
रिजिजू ने कहा कि जब पहले भी वक्फ कानून में संशोधन किए गए, तब इसे कभी असंवैधानिक नहीं बताया गया। लेकिन अब जब मोदी सरकार ने इसमें बदलाव किया, तो इसे गैर-संवैधानिक करार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "एक कानून दूसरे कानून से ऊपर नहीं हो सकता, इसलिए जरूरी था कि इसमें बदलाव किया जाए।"
'एक दिन विरोध करने वालों का हृदय परिवर्तन होगा'
अपने बयान के अंत में किरेन रिजिजू ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि भविष्य में इस विधेयक का विरोध करने वाले भी इसे सकारात्मक नजरिए से देखेंगे और इसे समर्थन देंगे। उन्होंने कहा, "एक दिन इनका भी हृदय परिवर्तन होगा और ये महसूस करेंगे कि यह विधेयक देश के हित में है।"