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अनंतनाग में आग का तांडव: 22 घर जलकर खाक, सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी तबाही

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जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में गुरुवार रात भीषण आग लगने से 22 घर जलकर राख हो गए, जिससे करीब 37 परिवार बेघर हो गए हैं। 

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में गुरुवार रात भीषण आग लगने से 22 घर जलकर राख हो गए, जिससे करीब 37 परिवार बेघर हो गए हैं। यह आग जिले के कादीपोरा गजिनाग इलाके में लगी, जो तेज़ी से आसपास के मकानों में फैल गई। हालात तब और बिगड़ गए जब आग की लपटों के बीच गैस सिलेंडरों में ब्लास्ट होने लगे, जिससे विस्फोटों की गूंज दूर तक सुनाई दी।

गैस सिलेंडरों के धमाकों से और विकराल हुई आग

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब 11 बजे एक मकान में आग लगी, जो कुछ ही मिनटों में आसपास के घरों तक फैल गई। भीड़भाड़ वाले इलाके में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागे। सिलेंडर फटने से आग की लपटें और ऊंची उठने लगीं, जिससे रिहायशी इलाका आग के दरिया में तब्दील हो गया।

प्रशासन और स्थानीय लोगों की तत्परता से बची जानें

आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जानमाल की हानि नहीं हुई, लेकिन कई मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। अनंतनाग के तहसीलदार सजाद अहमद वानी ने कहा, "हम प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद कर रहे हैं। बेघर हुए लोगों को अस्थायी शेल्टर और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। आग के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा हैं।"

राजनीतिक दलों ने जताई संवेदना

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, "अनंतनाग में लगी भयावह आग ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। सरकार को पीड़ितों की जल्द से जल्द मदद करनी चाहिए। हम इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।" गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सरकारी मेडिकल कॉलेज में भी आग लगी थी, जहां से 150 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। हालांकि, अनंतनाग की आग ने कहीं ज्यादा तबाही मचाई, जिससे कई परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।

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