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मध्य प्रदेश की हेमलता ने छह दिन के नवजात के साथ परीक्षा में शामिल होकर पेश की मिसाल शिक्षा अहम है : हेमलता

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मध्य प्रदेश की हेमलता ने छह दिन के नवजात के साथ परीक्षा में शामिल होकर पेश की मिसाल शिक्षा अहम है :  हेमलता

शिक्षा हर व्यक्ति के जीवन के लिए अहम है. इसका उदाहरण मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक प्रसूता ने छह दिन के नवजात के साथ परीक्षा में शामिल होकर देश के लिए एक मिसाल पेश की है. सिरसोदा गांव की रहने वाली हेमलता ने मंगलवार को गर्ल्स कॉलेज में पूरक परीक्षा दी जबकि छह दिन पहले ही उसका प्रसव हुआ हैं। एक तरफ तो हम इसे हेमलता जी के पढाई के प्रति जूनून पर गर्व महसूस कर सकतें हैं, और उनके इस फैसले का सम्मान भी करतें हैं, पर दूसरी तरफ एक बात है जो शायद हम सभी के मन में गूंजती होगी जब भी हम इस तरह की ख़बरें पढ़ते हैं, और वो ये है की आखिर कितने ही लोग किस किस तरह के संघर्ष कर कर के अपनी पढ़ाइयाँ पूरी करते हैं, और उसके बाद नौकरी ढूंढने का संघर्ष, कितना संघर्ष है आज हमारे हम सभी के बच्चों के लिए ? हम सभी को ऐसा प्रयास जरूर करना चाहिए जिससे लोकल लेबल पर कुछ रोजगार पैदा हो सके और कुछ युवाओं को रोजगार मिल सके 

Subkuz.com के पत्रकारों ने बताया कि  सिरसोदा गांव की रहने वाली हेमलता अहिरवार अपने बच्चे के साथ परीक्षा देने कॉलेज पहुंची थी। बताया कि बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा हेमलता का साथ देने उसकी सास और पति भी उसके साथ आए थे। हेमलता ने जब तक परीक्षा दी उस दौरान  उसकी सास और उसके पति ने बच्चे की देखरेख की थी।

परीक्षा प्रभारी डॉ ऊषा सोलंकी ने Subkuz.com के पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि हेमलता अहिरवार शासकीय कन्या कॉलेज से बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा है. हेमलता की छह दिन पहले ही डिलीवरी हुई थी. वह अपने बच्चे और सास के साथ पूरक परीक्षा में शामिल होने पहुंची थी. हेमलता का शिक्षा के प्रति ऐसा लगन समाज की अन्य महिलाओं के लिए मिशाल पेश करता है. परीक्षा के दौरान हेमलता की सास और पति ने बच्चे को संभाला था।

 

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