2026 में कमाई का मौका: Axis Direct की 5 गोल्डन थीम्स पर निवेशकों का फोकस

2026 में कमाई का मौका: Axis Direct की 5 गोल्डन थीम्स पर निवेशकों का फोकस

Axis Direct की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में भारतीय शेयर बाजार अर्निंग्स रिकवरी से मजबूत हो सकता है। ब्रोकरेज ने 5 गोल्डन थीम्स पर आधारित 9 क्वॉलिटी स्टॉक्स चुने हैं, जिनमें 12 से 20 प्रतिशत तक अपसाइड की संभावना जताई गई है।

New Year Stocks: भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर नए साल के मुहाने पर खड़ा है। साल 2025 के उतार-चढ़ाव भरे सफर के बाद अब निवेशकों की नजर 2026 पर टिक गई है। सवाल यही है कि क्या नया साल बेहतर कमाई के मौके लाएगा और किन सेक्टर्स व स्टॉक्स पर फोकस करना समझदारी होगी। 

इसी बीच ब्रोकरेज फर्म Axis Direct ने New Year Stocks Pick 2026 नाम से अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें FY27 तक मजबूत कमाई रिकवरी की उम्मीद जताई गई है। रिपोर्ट में 5 गोल्डन थीम्स बताई गई हैं और 9 ऐसे क्वॉलिटी शेयर चुने गए हैं, जिनमें अगले एक साल से ज्यादा के नजरिये से 20 प्रतिशत तक अपसाइड की संभावना जताई गई है।

2025 का बाजार

साल 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए मिला-जुला रहा। निफ्टी 50 ने दिसंबर की शुरुआत में 26,326 का रिकॉर्ड स्तर जरूर छुआ, लेकिन पूरे साल की बात करें तो तेजी के साथ अस्थिरता भी बनी रही। निफ्टी 50 ने सालभर में करीब 10 प्रतिशत का रिटर्न दिया, जबकि निफ्टी 500 की बढ़त सीमित रही। स्मॉलकैप सेगमेंट में तो गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को सतर्क रहने का संदेश दिया।

इस दौरान बाजार में कई फैक्टर हावी रहे। सेक्टर रोटेशन तेजी से बदला। कभी बैंकिंग और फाइनेंशियल्स में जोश दिखा, तो कभी IT और मेटल्स दबाव में आए। रुपये में कमजोरी रही, ग्लोबल ट्रेड को लेकर अनिश्चितता बनी रही और विदेशी निवेशक यानी FII बीच-बीच में बिकवाली करते नजर आए। इसके बावजूद भारत की मैक्रो इकॉनमी मजबूत बनी रही और यही 2026 के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी वजह है।

2026 की तस्वीर, क्यों खास है नया साल

Axis Direct का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अब उस दौर से बाहर निकल रहा है, जहां तेजी सिर्फ घरेलू लिक्विडिटी के भरोसे थी। 2026 में बाजार की दिशा कंपनियों की अर्निंग्स, सरकारी नीतियों और इकॉनमिक स्टेबिलिटी तय करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक FY26 और FY27 में कंपनियों की कमाई 12 से 15 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ सकती है। यही अर्निंग्स रिकवरी आगे चलकर निफ्टी के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर बनेगी।

ब्रोकरेज का कहना है कि FY27 में कमाई की रिकवरी ज्यादा मजबूत दिख सकती है। इसके पीछे GDP ग्रोथ का सपोर्ट, डिमांड में सुधार और घरेलू नीतियों की भूमिका अहम रहेगी। यानी 2026 सिर्फ नई शुरुआत नहीं बल्कि एक स्ट्रक्चरल ग्रोथ फेज की शुरुआत भी हो सकती है।

भारत की ग्रोथ स्टोरी और ग्लोबल निवेश

2026 में भारत की आर्थिक रफ्तार मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। दुनिया भर में AI और टेक्नोलॉजी से जुड़ा निवेश अब अमेरिका के महंगे बड़े शेयरों से निकलकर ऐसे बाजारों की ओर रुख कर सकता है, जहां वैल्यू और ग्रोथ दोनों मौजूद हों। Axis Direct के मुताबिक भारत इस नजरिये से विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है।

हाल के महीनों में रुपये में तेज गिरावट देखने को मिली और डॉलर के मुकाबले यह 90 के पार चला गया। हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि आगे चलकर USD INR फिर से 90 के नीचे आ सकता है। इसकी वजह घरेलू ग्रोथ का मजबूत रहना, कमाई में सुधार और RBI का बाजार में दखल है। इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी रुपये के लिए सपोर्ट बन सकती है।

किन बातों पर नजर जरूरी

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए ज्यादा टैरिफ निवेशकों के भरोसे के लिए अहम मुद्दा बने हुए हैं। अगर इन टैरिफ का समाधान निकलता है या इनमें राहत मिलती है, तो इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी निवेशकों का भरोसा लौट सकता है।

हालांकि Axis Direct ने कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है। अमेरिका भारत टैरिफ विवाद में देरी, रुपये में लगातार कमजोरी, महंगाई का RBI की तय सीमा से ऊपर जाना, ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल और कमाई में उम्मीद से धीमी रिकवरी जैसे फैक्टर बाजार के लिए चुनौती बन सकते हैं।

घरेलू निवेशकों की ताकत और SIP फ्लो

एक पॉजिटिव पहलू यह भी है कि SIP और म्यूचुअल फंड के जरिए घरेलू बचत का बड़ा हिस्सा अब शेयर बाजार में आ रहा है। DII यानी घरेलू संस्थागत निवेशकों का यह फ्लो बाजार को मजबूत आधार देता है। इसका फायदा यह होता है कि जब FII बिकवाली करते हैं, तब भी बाजार पूरी तरह टूटता नहीं है। Axis Direct का मानना है कि यही घरेलू निवेशकों की ताकत 2026 में भी बाजार को सहारा देती रहेगी।

2026 की रणनीति, Buy on Dips पर जोर

Axis Direct के मुताबिक 2026 में बाजार वैल्यू आधारित दौर से निकलकर अर्निंग्स आधारित दौर में जा सकता है। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 तक निफ्टी का बेस केस टारगेट 28,100 दिया है। निवेश रणनीति की बात करें तो कम से कम 12 महीने के नजरिये के साथ गिरावट पर खरीदारी यानी Buy on Dips की सलाह दी गई है।

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय निवेशकों को क्वॉलिटी स्टॉक्स में बने रहना चाहिए। सही सेक्टर और मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियां 2026 में बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।

2026 की 5 गोल्डन थीम्स

Axis Direct ने 2026 के लिए 5 गोल्डन थीम्स बताई हैं, जिन पर निवेशकों को फोकस करना चाहिए। पहली थीम फाइनेंशियल्स सेक्टर से जुड़ी है, जहां क्रेडिट ग्रोथ और ब्याज दर साइकल का फायदा मिल सकता है। दूसरी थीम कंजम्प्शन आधारित कंपनियों की है, जो घरेलू मांग से सीधे जुड़ी हैं।

तीसरी थीम चुनिंदा साइकलिकल सेक्टर की है, जहां कमोडिटी सुपर साइकिल का असर दिख सकता है। चौथी थीम हेल्थकेयर सेक्टर की है, जिसे डिफेंसिव सेक्टर के तौर पर देखा गया है। पांचवीं थीम लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप तीनों सेगमेंट में संतुलित निवेश की है, ताकि जोखिम और रिटर्न में बैलेंस बना रहे।

New Year Picks 2026, ये 9 शेयर क्यों खास

Axis Direct ने 2026 के लिए 9 क्वॉलिटी स्टॉक्स चुने हैं। इनमें लार्जकैप से लेकर मिडकैप और स्मॉलकैप तक शामिल हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि ये कंपनियां मजबूत बिजनेस मॉडल, बेहतर अर्निंग विजिबिलिटी और लंबी अवधि की ग्रोथ क्षमता रखती हैं।

इन स्टॉक्स में SBI को फाइनेंशियल्स थीम के तहत शामिल किया गया है। Varun Beverages को कंजम्प्शन ग्रोथ से जोड़कर देखा गया है। Hindalco Industries कमोडिटी और साइकलिकल थीम का हिस्सा है। Nippon Life India Asset Management घरेलू निवेश ट्रेंड से जुड़ा स्टॉक है। Dalmia Bharat इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमेंट डिमांड से फायदा उठा सकता है।

Astral को बिल्डिंग मैटीरियल और कंजम्प्शन से जोड़ा गया है। Affle 3i डिजिटल और टेक आधारित ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा है। Healthcare Global को हेल्थकेयर डिफेंसिव थीम के तहत चुना गया है। Mold Tek Packaging पैकेजिंग और कंजम्प्शन ट्रेंड से फायदा उठा सकता है। इन सभी शेयरों में ब्रोकरेज ने 12 से 20 प्रतिशत तक अपसाइड की संभावना जताई है।

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