1 अप्रैल 2026 से पूरे भारत में E20 पेट्रोल अनिवार्य होगा। इसमें 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाकर इंजन प्रदर्शन सुधारता है, वायु प्रदूषण घटता है और किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलता है। कीमत 97 से 106 रुपए प्रति लीटर होगी।
New Delhi: केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में कम से कम 95 RON वाला E20 पेट्रोल अनिवार्य कर दिया है। E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाया जाता है, जिससे यह पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक साफ और पर्यावरण के अनुकूल होता है। तेल मंत्रालय ने 17 फरवरी को अधिसूचना जारी करते हुए सभी तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि वे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के अनुसार 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचें। यह नियम देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा।
E20 पेट्रोल की कीमत 97 रुपए से 106 रुपए प्रति लीटर के बीच हो सकती है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि खास परिस्थितियों या सीमित समय और क्षेत्रों में छूट दी जा सकती है। इसका उद्देश्य देश में ईंधन की गुणवत्ता सुधारना, प्रदूषण घटाना और किसानों के लिए अतिरिक्त अवसर पैदा करना है।
E20 पेट्रोल क्या है और इसकी जरूरत
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत पारंपरिक पेट्रोल होता है। एथनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य अनाज से बनाया जाता है। यह देश में ही उपलब्ध होता है, इसलिए इसके इस्तेमाल से विदेशी तेल पर निर्भरता कम होती है। एथनॉल पेट्रोल की तुलना में ज्यादा साफ जलता है, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आती है।
सरकार का यह कदम किसानों के लिए भी लाभकारी है क्योंकि गन्ने और मक्का की मांग बढ़ती है। तेल मंत्रालय के अनुसार, 2014-15 से अब तक पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण से भारत ने 1.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा विदेशी मुद्रा की बचत की है। इसके अलावा, पेट्रोल में एथनॉल के इस्तेमाल से इंजन का प्रदर्शन बेहतर होता है और प्रदूषण कम होता है।
RON 95 क्यों जरूरी है
RON यानी रिसर्च ऑक्टेन नंबर, ईंधन की 'नॉकिंग' से बचाव की क्षमता को मापता है। नॉकिंग तब होती है जब इंजन में ईंधन असमान रूप से जलता है, जिससे इंजन की आवाज बढ़ती है, पावर कम होती है और लंबे समय में इंजन को नुकसान पहुंच सकता है। RON जितना अधिक होगा, इंजन उतना बेहतर काम करेगा।

एथनॉल का ऑक्टेन वैल्यू करीब 108 RON होता है। इसलिए 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण से पेट्रोल की गुणवत्ता सुधरती है और इंजन सुरक्षित रहता है। E20 पेट्रोल न्यूनतम 95 RON होने के कारण पुराने पेट्रोल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन और सुरक्षा देता है।
पुराने और नए वाहनों पर असर
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, 2023-25 के बाद बनी अधिकांश गाड़ियां E20 पेट्रोल के अनुकूल हैं। इन गाड़ियों में इस नए ईंधन का इस्तेमाल सुरक्षित है और कोई बड़ी तकनीकी समस्या नहीं होगी। हालांकि, पुराने वाहनों में 3-7 प्रतिशत तक माइलेज घट सकता है। कुछ पुराने वाहनों में रबर या प्लास्टिक पार्ट्स पर हल्का असर पड़ सकता है।
सरकार ने पहले 10 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य जून 2022 में समय से पहले हासिल कर लिया था। इसके बाद 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया गया। फिलहाल देश के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए संक्रमण आसान हो रहा है।
E20 पेट्रोल के फायदे
E20 पेट्रोल के कई फायदे हैं। सबसे पहले, यह देश में ईंधन सुरक्षा बढ़ाता है और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करता है। दूसरा, एथनॉल मिश्रण से इंजन की लाइफ लंबी होती है और प्रदर्शन बेहतर होता है। तीसरा, पर्यावरण को फायदा होता है क्योंकि एथनॉल पेट्रोल की तुलना में साफ जलता है और प्रदूषण घटता है।
चौथा, किसानों को लाभ होता है क्योंकि गन्ना, मक्का और अनाज की मांग बढ़ती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा, सरकार की यह नीति विदेशी मुद्रा बचत में मदद करती है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाती है।
E20 पेट्रोल की कीमत
E20 पेट्रोल की कीमत अलग-अलग क्षेत्रों में 97 से 106 रुपए प्रति लीटर के बीच हो सकती है। बड़े शहरों और प्रमुख पेट्रोल पंपों पर यह ईंधन पहले से उपलब्ध है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि E20 पेट्रोल की आपूर्ति में कोई कमी न आए और उपभोक्ताओं को आसानी से यह ईंधन मिल सके।











