2026 में लार्ज कैप फंड्स बन सकते हैं रिटर्न का किंग, एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की नई स्ट्रैटेजी

2026 में लार्ज कैप फंड्स बन सकते हैं रिटर्न का किंग, एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की नई स्ट्रैटेजी

साल 2025 में लार्ज कैप फंड्स ने मिड और स्मॉलकैप फंड्स को पीछे छोड़ा। 2026 में स्थिर कमाई, मजबूत बैलेंस शीट और विदेशी निवेशक वापसी के कारण ये फंड्स निवेशकों के लिए आकर्षक बने रहेंगे।

Stock Market: साल 2025 में लार्ज कैप इक्विटी फंड्स ने मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। इसका मुख्य कारण इन फंड्स की स्थिर कमाई और अधिक संतुलित वैल्यूएशन रहा। इस साल अब तक, लार्ज कैप फंड्स ने औसतन 8.9 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि मिडकैप फंड्स का औसत रिटर्न 3.6 फीसदी रहा और स्मॉलकैप फंड्स में औसतन 3.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

लार्ज कैप फंड्स क्यों हैं खास

यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी के इक्विटी फंड मैनेजर कार्तिकराज लक्ष्मण के मुताबिक, 2025 की शुरुआत में मिड और स्मॉलकैप शेयरों का वैल्यूएशन काफी महंगा था। इस वजह से लार्ज कैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। लक्ष्मण ने कहा कि मौजूदा आर्थिक हालात और कंपनियों की स्थिर कमाई को देखते हुए पूरे बाजार पर सतर्कता बरतनी जरूरी है, लेकिन लार्ज कैप शेयरों के लिए उम्मीद बनी हुई है।

लार्ज कैप इक्विटी फंड्स में कम से कम 80 फीसदी एसेट टॉप 100 कंपनियों में निवेश किए जाते हैं। इन कंपनियों का आकार बड़ा, मैनेजमेंट पेशेवर और भरोसेमंद होता है, बैलेंस शीट मजबूत होती है और बिजनेस मॉडल स्थापित होता है। यही कारण है कि ये फंड्स निवेशकों की प्राथमिकता बने हुए हैं।

लार्ज कैप शेयरों का वैल्यूएशन

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड के इक्विटी को-चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर अनिश तावकले के अनुसार, “लार्ज कैप शेयर मौजूदा हालात में बेहतर स्थिति में हैं। अनुमानित आर्थिक गति और कंपनियों की स्थिर कमाई को देखते हुए इनके वैल्यूएशन उचित हैं। संतुलित कीमतें इस सेगमेंट को रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न के लिहाज से आकर्षक बनाती हैं और मौजूदा बाजार माहौल में बेहतर स्थिरता देती हैं।”

मिरे असेट के इक्विटी हेड गौरव मिश्रा ने भी कहा कि आगे चलकर कंपनियों की कमाई की मजबूती अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि क्रेडिट ग्रोथ साइकिल में सुधार, मार्जिन बेहतर होने और खपत में संभावित वृद्धि से कमाई में इजाफा हो सकता है। कुल मिलाकर, लार्ज कैप कैटेगरी से अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना बनी हुई है।

विदेशी निवेशकों का रुझान

वॉलेट वेल्थ के फाउंडर और सीईओ एस. श्रीधरन के मुताबिक, “इस समय विदेशी निवेशकों की कुल हिस्सेदारी 16.5 फीसदी है, जो लंबे समय के औसत से काफी कम है। जब FIIs दोबारा बाजार में लौटेंगे, तो वे क्वॉलिटी और लिक्विडिटी के लिए सबसे पहले लार्ज कैप शेयरों पर ही ध्यान देंगे।”

इसका मतलब है कि विदेशी निवेशकों के बाजार में लौटने पर लार्ज कैप फंड्स को मजबूती मिलने की संभावना है। इस सेगमेंट की कंपनियों का आकार, स्थिर कमाई और लिक्विडिटी इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।

संभावित जोखिम और सतर्कता

हालांकि लार्ज कैप फंड्स को लेकर उम्मीदें हैं, लेकिन कुछ जोखिम भी मौजूद हैं। भारतीय रुपये की कमजोरी से महंगाई बढ़ सकती है। कैलेंडर वर्ष 2026 में आर्थिक वृद्धि धीमी रह सकती है। इसके अलावा, ग्लोबल ट्रेड के नकारात्मक घटनाक्रम, अमेरिका के साथ ट्रेड डील में देरी और घरेलू अप्रत्याशित घटनाएं भी बाजार पर दबाव डाल सकती हैं।

कार्तिकराज लक्ष्मण का कहना है कि “शॉर्ट टर्म में अमेरिका के साथ ट्रेड डील में देरी और रुपये में गिरावट ऐसे प्रमुख जोखिम हैं, जिन पर नजर रखना जरूरी है।” गौरव मिश्रा ने भी कहा कि अगर लार्ज कैप कंपनियों की कमाई का आउटलुक कमजोर पड़ता है, तो इनके प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।

किन निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं लार्ज कैप फंड्स

लार्ज कैप फंड्स उन निवेशकों के लिए सबसे उपयुक्त हैं, जो कम या मध्यम जोखिम लेने के इच्छुक हैं और तुलनात्मक रूप से स्थिर रिटर्न चाहते हैं। फ्लेक्सी-कैप फंड्स के साथ मिलकर, लार्ज कैप फंड्स 2026 में किसी भी इक्विटी पोर्टफोलियो का कोर हिस्सा बन सकते हैं।

एस. श्रीधरन के अनुसार, निवेशक अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार लार्ज कैप में निवेश का प्रतिशत तय कर सकते हैं। कम जोखिम लेने वाले निवेशक 70 फीसदी लार्ज कैप और 30 फीसदी मिड व स्मॉलकैप में निवेश कर सकते हैं। मध्यम जोखिम लेने वाले 50 फीसदी लार्ज कैप और 50 फीसदी मिड व स्मॉलकैप में निवेश कर सकते हैं। आक्रामक निवेशक 30-40 फीसदी लार्ज कैप और शेष मिड व स्मॉलकैप में रख सकते हैं। निवेश अवधि कम से कम पांच साल से अधिक होनी चाहिए।

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