2047 तक भारत बनेगा 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, पीयूष गोयल बोले- अब कोई नहीं रोक सकता भारत की रफ्तार

2047 तक भारत बनेगा 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, पीयूष गोयल बोले- अब कोई नहीं रोक सकता भारत की रफ्तार

कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि 2047 तक भारत 30-35 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन सकता है। तेज़ी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी विकास और वैश्विक भरोसे के चलते देश विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है। भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और फिनटेक से लेकर ट्रेड तक हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

Economy: मुंबई में आयोजित छठे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने बताया कि भारत 30-35 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, टेक्नोलॉजी और वैश्विक व्यापार बढ़ाने पर है। ट्रंप के नए टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। गोयल ने कहा कि विश्वास भारत की सबसे बड़ी करेंसी है और यही इसे वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा रही है।

भारत तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था

मुंबई में आयोजित छठे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था इस समय मजबूत बुनियाद पर खड़ी है। देश 4 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन चुका है और अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे के विस्तार, टेक्नोलॉजी के उपयोग और वैश्विक व्यापार में बढ़ती भागीदारी से भारत की रफ्तार और तेज होगी।

गोयल ने कहा कि आज दुनिया भारत को भरोसे और आत्मविश्वास की नजर से देख रही है। भारतीय प्रोडक्ट्स, सेवाएं और टैलेंट अब ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह बना चुके हैं। भारत अब केवल एक सहभागी नहीं बल्कि ग्लोबल फिनटेक सेक्टर का एक प्रमुख वास्तुकार बन चुका है।

35 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत 2047 तक 30 से 35 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की दिशा में काम कर रहा है। यह लक्ष्य केवल सपना नहीं बल्कि पूरी तरह से हासिल किया जा सकने वाला उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि देश की मजबूत नीतियां, स्थिर सरकार और बढ़ते विदेशी निवेश इस दिशा में बड़ा योगदान दे रहे हैं।

गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब ऐसे चरण में है जहां भरोसा ही सबसे बड़ी करेंसी बन गया है। उन्होंने कहा कि फाइनेंस सेक्टर में “विश्वास” ही वह करेंसी है जिसकी कीमत कभी कम नहीं होती। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में स्थिर वृद्धि, संरचनात्मक सुधार और मजबूत वित्तीय ढांचे के जरिए यह विश्वास हासिल किया है।

वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अब दुनिया के व्यापार का केंद्र बनता जा रहा है। यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीकी देशों के साथ भारत के व्यापारिक रिश्ते तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।

गोयल ने बताया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने और चीन के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बावजूद भारत ने अपनी स्थिति मजबूत रखी है। उन्होंने कहा कि भारत के निर्यात में लगातार 4 से 5 फीसदी की वृद्धि दर्ज हो रही है। सरकार इस वृद्धि को और आगे बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही है।

विकसित देशों के साथ मजबूत रिश्ते

गोयल ने बताया कि भारत विकसित देशों के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को और गहरा करने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोप के साथ हुए ट्रेड एग्रीमेंट और ब्रिटेन के साथ संभावित व्यापार समझौते से भारत को बड़ा फायदा मिलेगा। इन समझौतों से भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजार खुलेंगे और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत अब एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभरा है। देश में कम टैक्स नीति, मजबूत संस्थान और उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने की दिशा में किए गए सुधारों ने इसे और विश्वसनीय बना दिया है।

डिजिटल इंडिया की अहम भूमिका

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत बनने वाला है। उन्होंने कहा कि आज भारत में डिजिटल पेमेंट्स, ई-गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी आधारित सर्विसेज दुनिया के लिए मिसाल बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि भारत ने फिनटेक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम में जो प्रगति की है, वह देश को अगले दो दशकों में एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि नवाचार का केंद्र बन गया है।

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