63 करोड़ से अधिक पासवर्ड के लीक होने का खुलासा होने से दुनियाभर के इंटरनेट यूजर्स अलर्ट पर हैं। FBI ने ये पासवर्ड एक बड़े साइबर अपराधी से बरामद किए हैं, जिन्हें अब ‘Have I Been Pwned’ प्लेटफॉर्म पर जांच के लिए जोड़ा गया है। यह मामला डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी देता है।
Password Leak Alert: अमेरिका में FBI ने हाल ही में एक साइबर अपराधी के डिवाइस से 63 करोड़ से ज्यादा चोरी हुए पासवर्ड बरामद किए हैं, जो अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह खुलासा तब हुआ जब जांच एजेंसी ने यह डेटा साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ ट्रॉय हंट के साथ साझा किया। इन पासवर्ड्स को सार्वजनिक जांच के लिए ‘Have I Been Pwned’ वेबसाइट पर डाला गया है, ताकि यूजर्स समय रहते अपने अकाउंट सुरक्षित कर सकें और संभावित हैकिंग से बचाव हो सके।
FBI ने बरामद किए करोड़ों पासवर्ड
अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने एक बड़े साइबर अपराधी के कई डिवाइस से 63 करोड़ से अधिक चोरी हुए पासवर्ड बरामद किए हैं। ये पासवर्ड डार्क वेब, टेलीग्राम ग्रुप्स और मैलवेयर हमलों से जुटाए गए थे। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट ट्रॉय हंट ने इन पासवर्ड्स को ‘Have I Been Pwned’ वेबसाइट पर जोड़ा ताकि आम लोग आसानी से जांच सकें कि उनका पासवर्ड लीक हुआ है या नहीं। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 7% पासवर्ड पहली बार सार्वजनिक जांच में आए हैं, जबकि बाकी पहले से मौजूद थे।

पासवर्ड सुरक्षा के उपाय
अगर आपका पासवर्ड लीक हो चुका है तो उसे तुरंत बदलना जरूरी है। इसके अलावा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करना और पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करना सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी है। गूगल पासवर्ड मैनेजर और ऐपल पासवर्ड ऐप जैसी सेवाएं मजबूत पासवर्ड बनाने, उन्हें सुरक्षित रखने और लीक की जांच करने में मदद करती हैं।
मजबूत और अलग पासवर्ड चुनें
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर या एक ही पासवर्ड का कई जगह इस्तेमाल करना हैकर्स के लिए आसान शिकार बनाता है। पासवर्ड मैनेजर इस्तेमाल करने से आप सिर्फ एक मास्टर पासवर्ड याद रखेंगे, बाकी काम ऐप अपने आप संभाल लेगा। इससे आपके अकाउंट की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है।
63 करोड़ पासवर्ड लीक की घटना साइबर सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है। यूजर्स को नियमित रूप से अपने पासवर्ड की जांच करनी चाहिए और कमजोर पासवर्ड बदलना चाहिए। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए अब अनिवार्य हो गया है।












