रेवाड़ी में कार लूट और गोलीकांड से सनसनी फैल गई थी, लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पढ़े-लिखे हैं, एक पीएचडी छात्र और दूसरा नेट-जेआरएफ क्वालीफाइड।
Rajasthan: सोमवार और मंगलवार की आधी रात रेवाड़ी के बनीपुरी चौक के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जयपुर जाने के लिए बुक की गई टैक्सी में सवार दो युवकों ने ड्राइवर संजय पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले उसे डराया-धमकाया और जब उसने गाड़ी छीनने का विरोध किया, तो जांघ में गोली मार दी। इसके बाद आरोपी टैक्सी, करीब 20 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए।
घटना के बाद घायल संजय काफी देर तक सड़क किनारे मदद के लिए लिफ्ट मांगता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। आखिरकार उसने किसी तरह पुलिस को कॉल किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल ड्राइवर को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
हाई-क्वालीफाइड आरोपी
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को हैरान कर दिया। इस वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी पढ़े-लिखे और उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला शुभम वर्मा पीएचडी का छात्र है, जबकि अजमेर (राजस्थान) का देवांशु नेट-जेआरएफ क्वालीफाई कर चुका है।
पुलिस ने दोनों के पास से लूटी गई टैक्सी के अलावा 2 पिस्टल, 3 मैगजीन, एक जीपीएस ट्रैकर, जैमर और 4 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इतनी आधुनिक और खतरनाक सामग्री की बरामदगी से साफ है कि आरोपी पहले से ही किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे।
गुरुग्राम से शुरू हुई थी परेशानी
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि आरोपियों ने ड्राइवर संजय को गुरुग्राम से ही परेशान करना शुरू कर दिया था। वे बार-बार उसे धमका रहे थे और गाड़ी अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे थे। जब संजय ने इसका विरोध किया, तो बनीपुरी चौक के पास आरोपियों ने गोली चला दी।
संजय ओला कंपनी में टैक्सी चलाता है और वह गाड़ी की किश्त भरने के लिए उस दिन अपने साथ 20 हजार रुपये नकद लेकर चल रहा था। इसी रकम को भी आरोपी लूटकर ले गए।
कुछ घंटों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मंगलवार सुबह करीब 6 बजे मिली। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर रामपुरा थाना पुलिस और सीआईओ की टीम को सक्रिय किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की।
संयुक्त ऑपरेशन के तहत पुलिस ने मंगलवार दोपहर तक दोनों आरोपियों को दबोच लिया। उनके पास से लूटी गई टैक्सी और वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया। पुलिस की इस तेज कार्रवाई से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।
राजस्थान और यूपी पुलिस से मांगी गई हिस्ट्री
रेवाड़ी पुलिस अब इस मामले को और गहराई से जांच रही है। दोनों आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं, इसलिए उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि खंगालने के लिए राजस्थान और उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया है। पुलिस ने दोनों राज्यों को पत्र लिखकर आरोपियों की हिस्ट्री और पुराने मामलों की जानकारी मांगी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली के एक युवक के जरिए जयपुर जाने के लिए टैक्सी बुक की थी, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं ये आरोपी किसी संगठित गिरोह से तो जुड़े नहीं हैं।












