आरजेडी में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के फैसले के बाद तेज प्रताप यादव ने अपना पहला बयान जारी किया। उन्होंने रोहिणी आचार्य का समर्थन किया और परिवारिक विवाद, गठबंधन तथा कांग्रेस पर अपनी राय व्यक्त की।
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के फैसले के बाद तेज प्रताप यादव ने अपना पहला बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि अब पार्टी ने जो निर्णय लिया है, उसे वे समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया है, उन्हें अपने दायित्वों का पूरी तरह से निर्वहन करना चाहिए।
तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि वे रोहिणी आचार्य के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बहन ने जो कुछ सोशल मीडिया पर लिखा वह 100 प्रतिशत सही है। इस बयान से स्पष्ट संकेत मिला कि तेज प्रताप यादव परिवारिक विवाद और पार्टी की नेतृत्व पर बहस में अपनी अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।
क्या तेजस्वी कठपुतली हैं?
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव की ताजपोशी को लेकर तीखा तंज किया था। उन्होंने इसे "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी कहा और पार्टी में कुछ गुटों द्वारा प्रभुत्व स्थापित करने की आलोचना की। जब इस पर तेज प्रताप यादव से सवाल किया गया कि क्या उनका भाई वास्तव में कठपुतली हैं, तो तेज प्रताप ने स्पष्ट जवाब दिया कि रोहिणी ने सही लिखा है। उनका कहना था कि अब जो जिम्मेदारी पार्टी ने तेजस्वी को सौंपी है, उसे निभाना उनका कर्तव्य है।
रोहिणी आचार्य का पोस्ट
रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट किया था, "सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और गिरोह-ए-घुसपैठ को उनके हाथों की कठपुतली बने शहजादा की ताजपोशी मुबारक।" इस पोस्ट ने परिवार और पार्टी दोनों में हलचल मचा दी थी।

उनकी आलोचना का मुख्य केंद्र तेजस्वी यादव की पार्टी में भूमिका और नेतृत्व प्रक्रिया थी। रोहिणी का कहना था कि पार्टी में कुछ गुटों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए तेजस्वी की ताजपोशी कराई, जबकि वे वास्तव में केवल औपचारिक रूप से अध्यक्ष बने हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना
तेज प्रताप यादव ने पार्टी के गठबंधन और राजनीतिक सहयोग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले ही अलग हो जाना चाहिए था। उनका कहना था कि चुनाव में मिलकर लड़ने का फैसला समझ में नहीं आया। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया और कहा कि उनका काम केवल खाने-पीने और फटफटिया पर घूमने तक सीमित रह गया है। तेज प्रताप के इस बयान से स्पष्ट हुआ कि वे गठबंधन और राजनीतिक नेतृत्व को लेकर अपनी असहमति व्यक्त कर रहे हैं।
आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक
आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पटना के होटल मौर्या में आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य, प्रदेश अध्यक्ष, सांसद और विधान मंडल के सदस्य शामिल हुए। बैठक में कई प्रदेशों से नेता पहले ही पटना पहुंच चुके थे।
बैठक का मुख्य एजेंडा तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना था। इस निर्णय पर अंतिम मुहर आरजेडी सुप्रीमो और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा लगाई गई। बैठक में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और मीसा भारती भी मौजूद रहे।










