SEBI ने अदाणी ग्रुप के प्रणव अदाणी को AGEL-SB एनर्जी अधिग्रहण मामले में इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों से बरी कर दिया। यह क्लीन चिट ग्रुप की प्रतिष्ठा और निवेशकों के भरोसे को मजबूत करेगी।
Business: अदाणी ग्रुप (Adani Group) के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मार्केट रेगुलेटर, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने शुक्रवार को अदाणी ग्रुप की कई कंपनियों में डायरेक्टर और अरबपति गौतम अदाणी के भतीजे प्रणव अदाणी समेत अन्य को इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) द्वारा SB एनर्जी के अधिग्रहण से जुड़ा था।
SEBI ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया है जब अदाणी ग्रुप पहले ही हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े मामलों में राहत पा चुका है। इसके तहत रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन नियमों के उल्लंघन के आरोपों को भी हटा दिया गया था।
आरोप क्या थे?
2021 में AGEL द्वारा SB एनर्जी को खरीदने से जुड़ी इस डील में आरोप लगाया गया था कि प्रणव अदाणी ने गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल किया। दावा था कि प्रणव ने US की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्लेटफॉर्म कंपनी SB एनर्जी होल्डिंग्स लिमिटेड (SB Energy) के AGEL द्वारा किए जाने वाले अधिग्रहण की संवेदनशील जानकारी पब्लिक होने से पहले लीक की थी।
इस जानकारी के आधार पर कुछ बाहरी लोगों ने AGEL के शेयरों में ट्रेडिंग की, जिससे लाभ उठाया गया। SEBI ने आरोपों की जांच करते हुए पाया कि इस मामले में प्रणव अदाणी और उनके करीबी लोगों ने संवेदनशील डेटा का फायदा उठाने की कोशिश की थी।
शेयर बाजार पर असर
मई 2021 में AGEL ने घोषणा की थी कि उसने SB एनर्जी में स्टेक खरीदने के लिए सॉफ्टबैंक ग्रुप कैपिटल लिमिटेड (SBGCL) और भारती ग्लोबल लिमिटेड (BGL) के साथ शेयर खरीद समझौते किए हैं। इस घोषणा के बाद, AGEL के शेयर की कीमत 18 मई को ₹1,198.75 से बढ़कर 19 मई को ₹1,243.65 हो गई। यानी केवल एक दिन में लगभग 3.75% की तेजी देखी गई।
SEBI ने यह भी नोट किया कि इस डील से AGEL की ऑपरेशनल क्षमता में 46% और कुल क्षमता में 33% की बढ़ोतरी हुई। यह दिखाता है कि डील का कंपनी के प्रदर्शन पर सकारात्मक असर पड़ा।
किन लोगों ने कमाई की?
SEBI के अनुसार, प्रणव अदाणी ने यह संवेदनशील जानकारी अपने साले कुणाल शाह के साथ साझा की थी। कुणाल शाह अपने और अपने भाई के अलावा नृपाल शाह के लिए भी ट्रेडिंग अकाउंट मैनेज करते थे। आरोप था कि उन्होंने मिलकर मई 2021 में AGEL के 1 लाख से ज्यादा शेयर लगभग 1,100 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे और बाद में बेच दिए। इससे कुल मिलाकर उन्हें लगभग 90 लाख रुपये का लाभ हुआ।
हालांकि, SEBI ने अब यह तय कर दिया है कि इस मामले में कोई इनसाइडर ट्रेडिंग नहीं हुई और प्रणव अदाणी समेत सभी आरोपी क्लीन चिट के पात्र हैं।
SEBI का निष्कर्ष
SEBI ने मामले की गहन जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि AGEL द्वारा SB एनर्जी अधिग्रहण और शेयर ट्रेडिंग में कोई नियम उल्लंघन नहीं हुआ। मार्केट रेगुलेटर ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में सभी संबंधित पक्षों ने नियमों का पालन किया और किसी भी संवेदनशील जानकारी का अनुचित लाभ नहीं लिया गया।
इस क्लीन चिट से अदाणी ग्रुप को बड़ी राहत मिली है। पिछले कुछ समय में अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों और अन्य जांचों ने ग्रुप के शेयर मार्केट पर दबाव डाला था। अब SEBI की क्लीन चिट से निवेशकों का भरोसा बढ़ने की संभावना है और ग्रुप के लिए भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाना आसान होगा।
गौतम अदाणी के भतीजे होने के कारण प्रणव अदाणी ग्रुप के भीतर महत्वपूर्ण पदों पर हैं। उनकी क्लीन चिट से न केवल ग्रुप की प्रतिष्ठा को फायदा मिलेगा, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। यह ग्रुप के लिए मार्केट में स्थिरता और सकारात्मक सेंटिमेंट बढ़ाने का मौका है।










