Adani Power ने गुरुवार को जानकारी दी कि उसने Jaiprakash Associates Limited (JAL) के साथ कई अहम समझौते किए हैं। इन समझौतों के तहत, NCLT द्वारा मंजूर रेजोल्यूशन प्लान के हिस्से के रूप में अदाणी पावर, Jaiprakash Power Ventures Limited (JPVL) में 24% हिस्सेदारी और उत्तर प्रदेश स्थित 180 मेगावाट के चर्क थर्मल पावर प्लांट का अधिग्रहण करेगी।
बिजनेस न्यूज़: भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी कॉरपोरेट डील सामने आई है। अदाणी पावर ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के साथ कई रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनके तहत कंपनी जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JPVL) में 24% हिस्सेदारी और उत्तर प्रदेश स्थित 180 मेगावाट (MW) के थर्मल पावर प्लांट का अधिग्रहण करेगी।
करीब ₹4,193 करोड़ की इस डील को भारत के ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अधिग्रहण से अदाणी पावर की थर्मल और हाइड्रो पावर क्षमता के साथ-साथ कोयला और रेत खनन कारोबार में भी पकड़ मजबूत होगी।
क्या है पूरी डील?
अदाणी पावर ने बताया कि यह अधिग्रहण जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) द्वारा मंजूर रेजोल्यूशन प्लान का हिस्सा है। समझौते के तहत, अदाणी पावर, JPVL में JAL की 24% हिस्सेदारी लगभग ₹2,993.6 करोड़ में खरीदेगी। इसके अलावा कंपनी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित 180 MW के चर्क थर्मल पावर प्लांट और उससे जुड़ी संपत्तियां ₹1,200 करोड़ में अधिग्रहित करेगी। इस तरह कुल डील वैल्यू लगभग ₹4,193 करोड़ बैठती है।
कौन-कौन सी संपत्तियां होंगी शामिल?
इस अधिग्रहण के तहत अदाणी पावर को केवल बिजली उत्पादन परिसंपत्तियां ही नहीं मिलेंगी, बल्कि कई अन्य रणनीतिक कारोबारों तक भी पहुंच मिलेगी। JPVL के पास:
- 2,220 MW की कुल थर्मल और हाइड्रो पावर क्षमता
- कोयला खनन कारोबार
- रेत खनन कारोबार
- सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट्स
इसके अतिरिक्त, प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड में JAL की 11.49% हिस्सेदारी भी इस डील का हिस्सा है।

अदाणी पावर के लिए क्यों अहम है यह अधिग्रहण?
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील अदाणी पावर के उत्पादन पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी। कंपनी पहले से ही भारत के निजी बिजली उत्पादन क्षेत्र में बड़ी उपस्थिति रखती है, और इस अधिग्रहण के बाद उसकी स्थिति और मजबूत हो सकती है।इस डील से अदाणी समूह को:
- थर्मल पावर क्षमता बढ़ाने
- हाइड्रो पावर सेक्टर में विस्तार
- कोयला और खनन संपत्तियों तक पहुंच
- ऊर्जा उत्पादन में विविधीकरण
जैसे कई रणनीतिक फायदे मिलने की उम्मीद है।
कैश डील के जरिए होगा अधिग्रहण
अदाणी पावर ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा अधिग्रहण कैश ट्रांजैक्शन के जरिए पूरा किया जाएगा। कंपनी के अनुसार, NCLT द्वारा मंजूर रेजोल्यूशन प्लान की “Effective Date” के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी होने की उम्मीद है। यह समयसीमा 17 मार्च 2026 को मिली मंजूरी के 90 दिनों के अंदर की है। कंपनी ने बताया कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने अगस्त 2025 में ही इस अधिग्रहण को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने मई 2026 में रेजोल्यूशन प्लान को सही ठहराया, जिससे डील का रास्ता साफ हो गया।











