रेलवे में 5,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को कॉन्ट्रैक्ट आधार पर प्वाइंट्समैन पद पर नियुक्त करने की तैयारी है। अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को विभिन्न लेवल के पदों पर आरक्षण भी मिलेगा, जिससे सैन्य सेवा के बाद नागरिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
Government Jobs for Agniveer: भारतीय रेलवे ने पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को रोजगार देने के लिए 5,000 से अधिक पदों पर कॉन्ट्रैक्ट नियुक्ति का फैसला किया है। यह भर्ती देश के विभिन्न रेलवे जोन और डिवीजनों में की जाएगी, जहां सेना से जुड़े संगठनों के साथ समझौते भी हो चुके हैं। नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक पूर्व सैनिकों को प्वाइंट्समैन पद पर तैनात किया जाएगा। साथ ही लेवल-1 और लेवल-2 पदों पर आरक्षण की व्यवस्था कर सैन्य पृष्ठभूमि वाले युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
5000 से ज्यादा पदों पर कॉन्ट्रैक्ट नियुक्ति
जानकारी के अनुसार, रेलवे में खाली पदों को जल्द भरने के लिए 5,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को प्वाइंट्समैन के पद पर तैनात किया जाएगा। यह नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट आधार पर होगी और नियमित चयन प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी।
देश के विभिन्न रेलवे जोन और डिवीजनों में इस प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। अब तक 9 रेलवे डिवीजनों ने सेना से जुड़े संगठनों के साथ समझौता किया है, ताकि भर्ती प्रक्रिया तेज और पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सके।

आरक्षण में अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता
रेलवे ने पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग से आरक्षण व्यवस्था भी तय की है। लेवल-1 पदों में पूर्व सैनिकों को 20 प्रतिशत और लेवल-2 तथा उससे ऊपर के पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
वहीं, लेवल-1 पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत और लेवल-2 व उससे ऊपर के पदों पर 5 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है। इससे सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को नागरिक क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
पहले भी मिला है बड़ा आरक्षण
वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे भर्ती के दौरान कुल 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए गए थे। इनमें 6,485 पद लेवल-1 के और 8,303 पद लेवल-2 व उससे ऊपर के थे।
लेवल-1 की भर्ती Railway Recruitment Cell के माध्यम से और लेवल-2 व उससे ऊपर की भर्ती Railway Recruitment Board द्वारा प्रतियोगी परीक्षा के जरिए की जाती है।
रेलवे और सेना की संयुक्त रणनीति
रेल मंत्रालय का मानना है कि सेना के जवान अनुशासन, तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं। कम उम्र में रिटायर होने वाले सैनिकों के अनुभव का उपयोग अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।
यह नई व्यवस्था पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। साथ ही इससे रेलवे की कार्यक्षमता भी मजबूत होगी।











