आगरा में जन्मदिन से पहले पिता ने 11 माह की बेटी को यमुना में फेंका: मां की आंखों के सामने हुआ खौफनाक मंजर, बचाने की कोशिश में उसे भी नदी में धकेला

आगरा में जन्मदिन से पहले पिता ने 11 माह की बेटी को यमुना में फेंक दिया। मां ने बचाने की कोशिश की तो उसे भी नदी में धकेला, राहगीरों ने महिला को बचाया।
आगरा में जन्मदिन से पहले पिता ने 11 माह की बेटी को यमुना में फेंका: मां की आंखों के सामने हुआ खौफनाक मंजर, बचाने की कोशिश में उसे भी नदी में धकेला
Photo Credit / Attribution: Google

आगरा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सिकंदरा क्षेत्र में एक पिता पर अपनी 11 माह की मासूम बेटी को यमुना नदी में फेंकने का आरोप है। सबसे दर्दनाक बात यह है कि बच्ची की मां की आंखों के सामने यह पूरा घटनाक्रम हुआ। बेटी का जन्मदिन आने वाला था और इसी बहाने परिवार के लिए खुशियों का माहौल होना चाहिए था, लेकिन एक दिन पहले ही जिंदगी का सबसे भयावह मंजर सामने आ गया। घटना के बाद बच्ची की तलाश में पुलिस और गोताखोर जुटे हैं, जबकि आरोपी पिता को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी पिता अपनी पत्नी और 11 माह की बेटी को खरीदारी के बहाने घर से लेकर निकला था। रास्ते में यमुना पुल के पास उसने बाइक रोकी। बताया जा रहा है कि वहां उसने पत्नी और बच्ची के साथ मोबाइल से तस्वीरें खींचनी शुरू कीं। इसी दौरान उसने बच्ची को मां की गोद से अपनी गोद में ले लिया।

परिवार को उस समय शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि अगले कुछ क्षणों में क्या होने वाला है। आरोप है कि तस्वीर खींचने के बहाने बेटी को अपनी गोद में लेने के बाद पिता ने अचानक उसे यमुना नदी में फेंक दिया। मां ने जब यह खौफनाक मंजर अपनी आंखों से देखा तो उसकी चीख निकल गई। वह अपनी बच्ची को बचाने के लिए बदहवास हो गई और नदी की तरफ देखने लगी।

बच्ची के नदी में गिरते ही मां ने पति से उसे बचाने की गुहार लगाई। लेकिन आरोप है कि इसके बाद पिता ने पत्नी को भी पकड़ लिया और उसे नदी में धकेलने की कोशिश की। महिला ने किसी तरह पुल की दीवार पकड़ ली और शोर मचाकर मदद के लिए लोगों को पुकारने लगी।

महिला की आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे राहगीर रुक गए। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने महिला को बचाया और आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और बच्ची की तलाश शुरू कराई।

पुलिस और बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्ची को यमुना में तलाशना है। नदी की धारा और पानी की स्थिति के कारण तलाशी अभियान आसान नहीं है। बच्ची के बारे में अभी तक कोई निश्चित जानकारी नहीं मिल सकी है। गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश जारी है।

घटना की जानकारी मिलते ही बच्ची के मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोगों के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं है। जिस मासूम बच्ची का जन्मदिन मनाने की तैयारी होनी थी, उसके साथ ऐसी घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।

परिजनों की ओर से आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप यह भी है कि दहेज को लेकर महिला को परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट की जाती थी। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

परिवार के अनुसार, आरोपी ससुराल की जमीन अपने नाम कराने का दबाव भी बना रहा था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस घटना के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए आरोपी से पूछताछ कर रही है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने पत्नी पर किसी दूसरे व्यक्ति से संबंध होने का शक जताया है। हालांकि पुलिस उसकी इस बात को अंतिम कारण मानकर नहीं चल रही है और पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के पीछे पारिवारिक विवाद, शक या कोई अन्य वजह थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। लोगों ने जिस तरह महिला को बचाकर आरोपी को पुलिस के हवाले किया, उससे बड़ी वारदात को रोकने में मदद मिली। अगर राहगीर समय पर वहां नहीं रुकते तो महिला की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।

घटना के बाद पुलिस ने मौके की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। पुल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा सकता है कि घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा था या नहीं। यदि फुटेज उपलब्ध होती है तो उससे घटनाक्रम की पुष्टि करने में पुलिस को मदद मिल सकती है।

पुलिस बच्ची की तलाश के साथ-साथ घटना के हर पहलू को जोड़कर जांच कर रही है। आरोपी को मौके पर पकड़ लिया गया है, इसलिए उससे पूछताछ के जरिए घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

मां के लिए यह घटना बेहद भयावह है। उसने अपनी आंखों के सामने अपनी मासूम बेटी को नदी में जाते देखा। इसके बाद खुद की जान बचाने के लिए उसे पुल की दीवार पकड़कर मदद के लिए चिल्लाना पड़ा। एक मां के लिए इस पूरे घटनाक्रम का सदमा कितना गहरा होगा, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।

बच्ची अभी सिर्फ 11 महीने की थी। वह खुद किसी खतरे को समझने या उससे बचने की स्थिति में नहीं थी। परिवार के अनुसार उसका जन्मदिन भी आने वाला था। ऐसे में जन्मदिन से ठीक पहले हुई इस घटना ने परिवार की खुशियों को मातम और चिंता में बदल दिया है।

इस मामले में पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी होगा कि आरोपी ने घटना से पहले क्या योजना बनाई थी या यह अचानक हुआ। वह परिवार को खरीदारी के बहाने किस उद्देश्य से लेकर निकला था और यमुना पुल पर बाइक रोकने का फैसला क्यों किया, इन सवालों के जवाब भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के समय आरोपी के साथ किसी अन्य व्यक्ति का संपर्क था या नहीं। उसके मोबाइल फोन और कॉल डिटेल समेत अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरत के अनुसार की जा सकती है।

फिलहाल बच्ची की तलाश सबसे प्राथमिकता वाला काम है। परिवार की निगाहें बचाव दल पर टिकी हुई हैं। नदी में तलाशी अभियान के दौरान गोताखोर संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रहे हैं।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपों की पुष्टि और घटना की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही सामने आएगी।

यह घटना एक बार फिर पारिवारिक विवादों के गंभीर रूप लेने की भयावह तस्वीर सामने लाती है। पति-पत्नी के बीच विवाद या शक की स्थिति में उसका असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में समय रहते परिवार, पुलिस या संबंधित सहायता व्यवस्था से मदद लेना जरूरी होता है।

आगरा की इस घटना में अभी बच्ची की तलाश जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के साथ बच्ची को खोजने का प्रयास भी जारी है। परिवार के लिए इस समय सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बचाव दल बच्ची का पता लगा सके।

कुल मिलाकर, आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में 11 माह की मासूम बच्ची को उसके पिता द्वारा यमुना में फेंकने की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। आरोप है कि पिता बेटी को खरीदारी के बहाने लेकर निकला था और यमुना पुल पर तस्वीर खींचने के बहाने बच्ची को मां की गोद से लेकर नदी में फेंक दिया। मां ने विरोध किया तो उसे भी नदी में धकेलने की कोशिश की गई, लेकिन राहगीरों ने महिला को बचा लिया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। बच्ची की तलाश के लिए गोताखोर लगाए गए हैं और पुलिस घटना के पीछे की वास्तविक वजह की जांच कर रही है।

Leave a comment