Agra Metro ट्रायल में बड़ी सफलता, 90 किमी/घंटा की रफ्तार से दोनों ट्रैक पर दौड़ी मेट्रो

आगरा मेट्रो का बिजलीघर से आरबीएस कॉलेज तक सफल ट्रायल हुआ। 70–90 किमी/घंटा की रफ्तार पर स्पीड, सिग्नलिंग, कम्युनिकेशन और स्टेशन सिस्टम की जांच सफल रही।

आगरा में बिजलीघर चौराहा से आरबीएस कॉलेज स्टेशन के बीच मेट्रो का सफल ट्रायल किया गया। 70 से 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर स्पीड, कम्युनिकेशन और स्टेशन सिस्टम की जांच सफल रही।

आगरा: आगरा मेट्रो परियोजना के पहले कॉरिडोर पर ट्रायल का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। शनिवार को बिजलीघर चौराहा से आरबीएस कॉलेज स्टेशन के बीच दोनों ट्रैक पर मेट्रो का सफल परीक्षण किया गया। इस दौरान 70 से 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर विभिन्न तकनीकी प्रणालियों की जांच की गई, जिसमें सभी सिस्टम संतोषजनक पाए गए।

बिजलीघर से आरबीएस कॉलेज तक सफल रहा मेट्रो ट्रायल

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने आगरा मेट्रो परियोजना के पहले कॉरिडोर पर ट्रायल को और तेज कर दिया है। शनिवार को बिजलीघर चौराहा से आरबीएस कॉलेज स्टेशन के बीच अप और डाउन दोनों ट्रैक पर एक साथ मेट्रो का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान ट्रेन को 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाकर उसकी स्पीड, सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम की विस्तृत जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और सभी तकनीकी प्रणालियां तय मानकों के अनुरूप काम करती मिलीं।

चार भूमिगत स्टेशनों पर भी परखी गई तकनीकी व्यवस्था

परीक्षण के दौरान मेट्रो ट्रेन चार भूमिगत स्टेशनों पर भी रुकी, जहां विशेषज्ञों ने स्टेशन सिस्टम, संचार व्यवस्था और अन्य तकनीकी उपकरणों की जांच की। यूपीएमआरसी के अनुसार सभी सिस्टम बिना किसी बाधा के संचालित हुए। आगरा मेट्रो का पहला कॉरिडोर ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा तिराहा तक लगभग 14 किलोमीटर लंबा है। इसमें पहले ही ताज पूर्वी गेट से बिजलीघर चौराहा तक करीब छह किलोमीटर हिस्से पर मेट्रो सेवा शुरू की जा चुकी है। अब बिजलीघर से आरबीएस कॉलेज तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर और आरबीएस कॉलेज से आईएसबीटी तक करीब डेढ़ किलोमीटर ट्रैक भी तैयार हो चुका है, जिस पर चरणबद्ध तरीके से ट्रायल जारी है।

सुंदरीकरण और अंतिम तैयारियों पर भी फोकस

यूपीएमआरसी के संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) पंचानन मिश्र ने बताया कि नियमित अंतराल पर ट्रायल किए जा रहे हैं और अब तक सभी परीक्षण सफल रहे हैं। परियोजना के अंतिम चरण की तैयारियों के तहत नेशनल हाईवे और मॉल रोड से बैरिकेडिंग हटाने का कार्य भी तेज कर दिया गया है। इसके बाद सड़कों का सुंदरीकरण किया जाएगा, डिवाइडरों को नया स्वरूप दिया जाएगा और मेट्रो पिलरों पर आकर्षक चित्रकारी की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इन तैयारियों के पूरा होने के बाद आगरा मेट्रो का विस्तारित कॉरिडोर यात्रियों के लिए जल्द शुरू किया जा सकेगा, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

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