अजमेर में 21 केस वाले हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपी गिरफ्तार, युवकों पर तलवार-सरिए से हमले के बाद थे फरार

अजमेर में 29 अगस्त को दो युवकों पर तलवार और सरिए से हमला करने के मामले में पुलिस ने 21 केस वाले हिस्ट्रीशीटर प्रहलाद गुर्जर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

अजमेर में 29 अगस्त को दो युवकों पर तलवार और सरिए से हमला करने के मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर प्रहलाद गुर्जर और भरत चारण को गिरफ्तार किया है। दोनों पर 2,500-2,500 रुपये का इनाम घोषित था।

अजमेर: राजस्थान के अजमेर के कृष्णगंज थाना क्षेत्र में 29 अगस्त को दो युवकों पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रहलाद गुर्जर और भरत चारण के रूप में हुई है। दोनों पर 2,500-2,500 रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस जांच में प्रहलाद गुर्जर के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। उसे डीडवाना-कुचामन जिले के पीलवा थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है।

पुलिस के अनुसार 29 अगस्त को माकड़वाली के पास शिवाजी चौराहे पर हुए विवाद के बाद दो युवकों पर तलवार और सरिए से हमला किया गया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और अब प्रहलाद गुर्जर तथा भरत चारण को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।

कार की टक्कर के बाद शुरू हुआ था विवाद

पुलिस जांच के अनुसार पूरे विवाद की शुरुआत 27 अगस्त को हुई थी। बताया गया कि प्रहलाद गुर्जर के पिता को एक कार की टक्कर लग गई थी, जिससे उन्हें मामूली चोट आई। इस घटना के बाद संबंधित लोगों के बीच विवाद पैदा हुआ।

पुलिस के मुताबिक कार में सत्यनारायण उर्फ सत्तू, दिनेश और राकेश मौजूद थे। शुरुआती विवाद के दो दिन बाद मामला फिर बढ़ गया। 29 अगस्त को सत्यनारायण उर्फ सत्तू और राकेश ने साहिल गठीला उर्फ सन्त्री को शिवाजी-माकड़वाली चौराहे पर बुलाया। साहिल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट शुरू हो गई।

पुलिस के अनुसार मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने तलवार और सरिए से हमला कर दिया। इस हमले में सुरेंद्र को गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया।

फोन कर बुलाने के बाद हुआ हमला

कृष्णगंज थाना पुलिस के अनुसार परिवादी साहिल गठीला उर्फ सन्त्री, निवासी कायड़, ने 29 अगस्त को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 27 अगस्त को उसके पिता रामदेव गुर्जर को एक कार ने टक्कर मारी थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी।

पुलिस के मुताबिक 29 अगस्त को सत्यनारायण उर्फ सत्तू और राकेश ने साहिल को शिवाजी-माकड़वाली चौराहे पर बुलाया। साहिल वहां बीरम, सांवर, गणेश और सुरेंद्र के साथ पहुंचा। वहां पहले से मौजूद लोगों के साथ विवाद हुआ और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।

शिकायत के अनुसार सत्यनारायण उर्फ सत्तू, राजवीर उर्फ किड़ी, दिनेश, सेठू, राकेश, प्रहलाद और अन्य लोगों ने तलवार तथा सरिए से हमला किया। हमले में सुरेंद्र के सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने दोनों पर रखा था इनाम

हमले के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया। पुलिस के मुताबिक प्रहलाद गुर्जर और भरत चारण के संबंध में सूचना जुटाई गई और उनकी तलाश की गई। दोनों आरोपियों पर 2,500-2,500 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

लगातार तलाश के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों से अन्य आपराधिक घटनाओं के बारे में भी जानकारी मिली है।

हालांकि, आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारी की पुष्टि पुलिस की आगे की जांच और संबंधित मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

प्रहलाद के खिलाफ 21 आपराधिक मामले दर्ज

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार प्रहलाद गुर्जर पीलवा थाना क्षेत्र, जिला डीडवाना-कुचामन का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ अजमेर, पाली, नागौर और डीडवाना-कुचामन सहित अलग-अलग क्षेत्रों के थानों में वर्ष 2014 से 2025 के बीच कुल 21 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

इन मामलों में मारपीट, चोरी, लूट, डकैती, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट से जुड़े प्रकरण शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हालिया हमले में गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका क्या थी और वारदात में शामिल अन्य लोगों से उनका क्या संबंध है।

किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले और पुलिस रिकॉर्ड में उसका हिस्ट्रीशीटर होना अपने आप में किसी मामले में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मौजूदा मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

पूछताछ में चोरी और मारपीट की वारदातों का खुलासा

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अलग-अलग जगहों पर चोरी और मारपीट की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि दोनों ने गेगल थाना क्षेत्र में 29 अगस्त को एक प्रॉपर्टी ऑफिस में चोरी और मारपीट की वारदात में शामिल होने की बात कबूल की।

इसके अलावा भरत चारण ने पीलवा थाना क्षेत्र में 8 जून 2026 को हुई चोरी और मारपीट की एक घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करने की बात पुलिस ने बताई है।

पुलिस इन दावों से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही है। संबंधित घटनाओं में आरोपियों की भूमिका की पुष्टि करने के लिए पुलिस साक्ष्य, शिकायतों और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच करेगी।

हमले में घायल युवक का अस्पताल में इलाज

29 अगस्त की घटना में सुरेंद्र को गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस के अनुसार हमले के दौरान उसके सिर और पैर पर वार किया गया। घटना के बाद उसे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी रहा।

हमले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। अब दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अभी अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमले की योजना कैसे बनी और घटना के समय मौके पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी।

पुलिस पूछताछ के आधार पर अन्य आपराधिक घटनाओं और आरोपियों के संभावित नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही है। यदि जांच में अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील

ऐसी घटनाओं में पुलिस के लिए फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ घटना के पीछे के पूरे विवाद की जानकारी जुटाना भी महत्वपूर्ण होता है। कृष्णगंज थाना पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर जांच कर रही है।

अजमेर पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। वहीं पुलिस की जांच का अगला चरण वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी पर केंद्रित रहेगा। 29 अगस्त की मारपीट से शुरू हुआ यह मामला अब पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और कथित अन्य वारदातों की जांच से भी जुड़ गया है।

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