अजंता नियोग ने विधानसभा में पेश किया चुनावी तैयारी वाला अंतरिम बजट, महिला सशक्तिकरण को मिली प्राथमिकता

असम में वित्त मंत्री अजंता नियोग ने 62,294 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया। कल्याण योजनाओं, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान।

असम सरकार ने वित्त मंत्री अजंता नियोग के माध्यम से 62,294 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया। बजट में ‘ओरुनोदोई’ और ‘निजुत मोइना’ जैसी योजनाओं पर जोर, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई।

Assam Budget 2026: असम सरकार ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले 62,294.78 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया है। वित्त मंत्री अजंता नियोग ने यह बजट विधानसभा में पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पूर्ण बजट आने तक सरकारी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाना है। बजट में 'ओरुनोदोई' और 'निजुत मोइना' जैसी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने पर जोर दिया गया है।

मुख्य कल्याण योजनाओं पर फोकस

अजंता नियोग ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए अंतरिम बजट में प्रत्यक्ष नकद लाभ देने वाली प्रमुख योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री निजुत मोइना असोनी’ योजना के तहत 2023-24 और 2024-25 में छात्राओं के स्कूल छोड़ने की दर में 8.2 प्रतिशत की कमी आई है। माध्यमिक स्तर पर लड़कियों के कुल नामांकन में 4.2 प्रतिशत और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

छात्राओं और छात्रों को वित्तीय सहायता

वित्त मंत्री ने बताया कि ‘निजुत मोइना’ योजना के तहत करीब 260 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे 55 लाख से अधिक छात्राओं को 1,000 रुपये से 2,500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता मिली है। इसके अलावा, ‘मुख्यमंत्री निजुत बाबू’ योजना के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 47,428 छात्रों को 1,000 रुपये से 2,000 रुपये की मासिक सहायता प्रदान की जाएगी।

ओरुनोदोई योजना के तहत गरीबी उन्मूलन

अजंता नियोग ने ‘ओरुनोदोई’ योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि यह योजना गरीब और पिछड़े वर्गों को सीधे लाभ प्रदान करने के लिए प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य की जनता को आर्थिक सुरक्षा मिली है और असम सरकार ने अपने चुनावी वादे पूरे किए हैं।

महिला उद्यमिता और ग्रामीण सशक्तिकरण

वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान के तहत प्रत्येक स्वयं सहायता समूह सदस्य को 10,000 रुपये की प्रारंभिक पूंजी प्रदान की गई। इस योजना के तहत 30.63 लाख से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया गया है। अजंता नियोग ने कहा कि 8.80 लाख ‘लखपति बाईदेव’ राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

असम की आर्थिक वृद्धि

33 पृष्ठ के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि असम वर्ष 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत वृद्धि केवल 29 प्रतिशत रही। उन्होंने यह भी दावा किया कि असम की प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 86,947 रुपये से बढ़कर 2025-26 में 1,85,429 रुपये हो गई, जो 113 प्रतिशत की वृद्धि है।

चुनावों से पहले बजट का महत्व

असम विधानसभा के 126 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। ऐसे में यह अंतरिम बजट चुनावी तैयारियों के बीच जारी किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में आर्थिक विकास, कल्याण योजनाओं और ग्रामीण सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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