ईरान संकट के बीच पीएम मोदी की सोना नहीं खरीदने और तेल बचाने की अपील पर अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को घेरा। सपा प्रमुख ने आर्थिक स्थिति, महंगाई और विदेश नीति को लेकर केंद्र पर निशाना साधा।
Lucknow: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से सोना नहीं खरीदने और तेल की खपत कम करने की अपील के बाद सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही बीजेपी को संकट याद आ गया। उन्होंने आर्थिक हालात, महंगाई और विदेश नीति को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पीएम की अपील पर सपा प्रमुख का पलटवार
ईरान युद्ध संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से जरूरी वस्तुओं की खपत को लेकर सतर्क रहने और सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। इस बयान के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि देश के लिए सबसे बड़ा संकट बीजेपी ही है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार हालात संभाल नहीं पा रही है तो उसे अपनी नाकामी स्वीकार करनी चाहिए। अखिलेश यादव ने दावा किया कि मौजूदा आर्थिक स्थिति में आम जनता पहले ही महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है।
अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है जबकि रुपया कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इतनी पाबंदियां लगानी पड़ रही हैं तो पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का दावा कैसे पूरा होगा।
अखिलेश यादव ने विदेश नीति को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से हटने का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण व्यापार और बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
विपक्षी दलों का कहना है कि इस तरह की अपीलों से आम लोगों में चिंता और असमंजस बढ़ सकता है, जबकि सरकार को हालात संभालने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।








