एलेक्सिया पुटेलास का नया सफर, बार्सिलोना की ‘क्वीन’ अब लंदन सिटी के साथ WSL में दिखाएंगी दम

दो बार की बैलन डी’ओर विजेता एलेक्सिया पुटेलास बार्सिलोना छोड़कर लंदन सिटी लायनेस से जुड़ी हैं। अब WSL में नए क्लब के साथ खिताब की चुनौती स्वीकार करेंगी।

दो बार की बैलन डी’ओर विजेता एलेक्सिया पुटेलास ने बार्सिलोना छोड़कर लंदन सिटी लायनेस के साथ नया अध्याय शुरू किया है। स्पेन की विश्व कप विजेता स्टार अब WSL में अपनी नई टीम को ऊंचाई देने और खुद को नई चुनौती में परखने उतरेंगी।

स्पोर्ट्स न्यूज़: स्पेन की दिग्गज फुटबॉलर एलेक्सिया पुटेलास ने अपने करियर का नया अध्याय शुरू कर दिया है। बार्सिलोना के साथ शानदार सफलता हासिल करने के बाद दो बार की बैलन डी’ओर विजेता अब इंग्लैंड की महिला सुपर लीग (WSL) में लंदन सिटी लायनेस के लिए खेलती नजर आएंगी। दुनिया की बेहतरीन महिला फुटबॉलरों में गिनी जाने वाली पुटेलास का यह ट्रांसफर WSL के इतिहास के सबसे बड़े खिलाड़ियों के करारों में से एक माना जा रहा है। 32 वर्षीय स्टार के लिए यह सिर्फ क्लब बदलने का फैसला नहीं, बल्कि खुद को एक नए माहौल में परखने और अपनी फुटबॉलिंग सीमाओं को तलाशने की चुनौती भी है।

बार्सिलोना से लंदन तक पहुंची ‘ला रेइना’

स्पेन में पुटेलास को प्यार से ‘ला रेइना’ यानी ‘द क्वीन’ कहा जाता है। उन्होंने बार्सिलोना के साथ करीब 14 साल के शानदार करियर में 38 ट्रॉफियां जीतीं। इनमें 10 लीग खिताब और चार यूरोपीय कप शामिल हैं। बार्सिलोना के साथ उनकी सफलता ने उन्हें महिला फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में शामिल कर दिया। पुटेलास ने 2021 और 2022 में लगातार दो बार बैलन डी’ओर जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस उपलब्धि ने उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला फुटबॉल खिलाड़ियों की सूची में अलग पहचान दिलाई। 

अब वह एक बार फिर इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की दावेदारों में शामिल मानी जा रही हैं। हालांकि, बार्सिलोना छोड़कर लंदन सिटी लायनेस से जुड़ना उनके लिए आसान फैसला नहीं था। नया क्लब अभी अपने शुरुआती दौर में है और बार्सिलोना की तरह उसके पास लंबे समय से स्थापित यूरोपीय विरासत नहीं है। इसके बावजूद पुटेलास ने इस चुनौती को स्वीकार किया है।

बचपन से फुटबॉल का जुनून

पुटेलास का जन्म स्पेन के कैटेलोनिया क्षेत्र के मोल्येत देल वालेस में हुआ था। बचपन में ही उन्हें फुटबॉल से गहरा लगाव हो गया था। वह बार्सिलोना के कैंप नोउ स्टेडियम में मैच देखने जाती थीं और क्लब के खेल से प्रभावित होती थीं। स्पेन के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी आंद्रेस इनिएस्ता उनके प्रेरणास्रोतों में रहे हैं। इसके अलावा ब्राजील के रिवाल्डो और रोनाल्डिन्हो भी उनके पसंदीदा खिलाड़ियों में शामिल रहे। 

उन्होंने बचपन में स्थानीय फुटबॉल खेलना शुरू किया और जेवियर हर्नांडेज यानी जावी द्वारा आयोजित फुटबॉल कैंप में भी हिस्सा लिया। पुटेलास ने बार्सिलोना की मशहूर युवा अकादमी ला मासिया में भी एक साल बिताया, लेकिन उनकी लड़कियों की टीम बंद होने के कारण उन्हें क्लब छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने एस्पान्योल और लेवांते के लिए खेला। साल 2012 में वह बार्सिलोना वापस लौटीं और यहीं से उनके शानदार करियर की शुरुआत हुई।

महिला फुटबॉल के बदलते दौर की गवाह

पुटेलास ने अपने करियर के दौरान महिला फुटबॉल में आए बड़े बदलावों को करीब से देखा है। उनके बचपन के दिनों में स्पेन में फुटबॉल को मुख्य रूप से पुरुषों का खेल माना जाता था, लेकिन आज महिला फुटबॉल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।

पुटेलास के लिए फुटबॉल हमेशा से रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा रहा। वह पार्क, सड़क और घर में भी गेंद के साथ समय बिताती थीं। बार्सिलोना के मैच उनके घर में नियमित रूप से देखे जाते थे और इसी माहौल ने उनके भीतर खेल के प्रति जुनून पैदा किया।

स्पेन को विश्व कप जिताने में निभाई अहम भूमिका

क्लब स्तर पर शानदार सफलता के अलावा पुटेलास ने स्पेन की राष्ट्रीय टीम के साथ भी इतिहास रचा है। उन्होंने 2023 महिला फुटबॉल विश्व कप जीतने वाली स्पेनिश टीम में अहम भूमिका निभाई। स्पेन ने उस टूर्नामेंट में पहली बार महिला विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद 2025 के यूरोपीय चैंपियनशिप में भी स्पेन ने शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक पहुंचा। हालांकि टीम खिताब जीतने से चूक गई और उपविजेता रही।

इन उपलब्धियों के बावजूद पुटेलास का मानना है कि उनका सर्वश्रेष्ठ अभी खत्म नहीं हुआ है। वह लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हैं और नए क्लब में जाने का एक बड़ा कारण भी यही है।

लंदन सिटी के साथ खुद को परखने की चुनौती

लंदन सिटी लायनेस के साथ जुड़ने के फैसले को पुटेलास अपने लिए एक नई चुनौती मानती हैं। उन्होंने कहा है कि वह इस क्लब के साथ काम करके यह जानना चाहती हैं कि एक फुटबॉलर के तौर पर उनकी सीमाएं कहां तक हैं। नए क्लब में शामिल होने के बाद उनकी प्राथमिकता साफ है। वह टीम को बेहतर बनाने में योगदान देना चाहती हैं और जीतने की मानसिकता को अपने साथ लेकर आई हैं। 

उनके लिए क्लब का वर्तमान स्तर महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि भविष्य में उसे किस ऊंचाई तक ले जाया जा सकता है, यह ज्यादा मायने रखता है। लंदन सिटी के सीजन की शुरुआत 4 सितंबर को मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाफ मुकाबले से होने की उम्मीद है। पुटेलास के डेब्यू पर दुनियाभर के महिला फुटबॉल प्रशंसकों की नजर रहेगी।

ट्रेनिंग में कोच की तरह सोचती हैं पुटेलास

पुटेलास की सबसे खास खूबियों में उनकी खेल को पढ़ने की क्षमता शामिल है। लंदन सिटी के कोच एडर मैस्त्रे के अनुसार, वह ट्रेनिंग के दौरान एक अतिरिक्त कोच की तरह भूमिका निभाने की क्षमता रखती हैं। पुटेलास का मानना है कि फुटबॉल में पास सिर्फ गेंद पहुंचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि वह साथी खिलाड़ी को संदेश भी देता है। पास की गति, दिशा और समय के जरिए खिलाड़ी को यह संकेत दिया जा सकता है कि टीम को आगे बढ़ना है, खेल को धीमा करना है या गेंद को दूसरी दिशा में ले जाना है। 

बार्सिलोना में लंबे समय तक खेलने के दौरान उन्होंने खेल को समझने और मैदान पर परिस्थितियों को जल्दी पढ़ने की क्षमता विकसित की। यही वजह है कि उनके अनुभव और फुटबॉलिंग विजन से लंदन सिटी को काफी उम्मीदें हैं।

ACL चोट ने बदला नजरिया

पुटेलास के करियर में एक बड़ा झटका 2022 में आया, जब ACL चोट के कारण वह यूरोपीय चैंपियनशिप से बाहर हो गई थीं। इस चोट ने उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रखा, लेकिन इसके बाद उनके फुटबॉल को देखने का नजरिया बदल गया। अब वह खेल के हर पल का आनंद लेने और हर दिन कुछ नया सीखने पर जोर देती हैं। उनके लिए प्रशिक्षण सिर्फ फिटनेस या मुकाबले की तैयारी नहीं है, बल्कि लगातार सीखने और खुद को बेहतर करने का माध्यम है।

लंदन में नई जिंदगी को अपना रही हैं

लंदन पहुंचने के बाद पुटेलास के सामने सिर्फ फुटबॉल से जुड़ी चुनौतियां नहीं हैं। वह नए शहर में घर तलाशने, ट्रैफिक समझने, ड्राइविंग सीखने और अंग्रेजी भाषा को बेहतर तरीके से सीखने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने इंग्लिश ब्रेकफास्ट भी आजमाया, हालांकि उन्हें बेक्ड बीन्स खास पसंद नहीं आए। स्पेनिश भोजन संस्कृति के मुकाबले उन्हें यह अनुभव अलग लगा। उनके सोशल मीडिया अनुभव में भी ब्रिटिश संस्कृति की झलक आने लगी है।

बार्सिलोना की परिचित जिंदगी से निकलकर लंदन में सामान्य चीजों को दोबारा सीखना उनके लिए नया अनुभव है। उनकी दोस्त और नई टीम की साथी जाना फर्नांडेज और बार्सिलोना की पूर्व साथी मापी लियोन भी उन्हें नए माहौल में सहज होने में मदद कर रही हैं।

दुनिया की स्टार, लेकिन खुद को सामान्य मानती हैं

पुटेलास की लोकप्रियता सिर्फ स्पेन तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर उनके लाखों प्रशंसक हैं और बार्सिलोना से विदाई के दौरान दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों ने भावुक प्रतिक्रिया दी थी। उनके गृहनगर में उनकी सुपरहीरो के रूप में भित्तिचित्र भी बनाया गया था। इसके बावजूद पुटेलास खुद को किसी स्टार से ज्यादा एक सामान्य खिलाड़ी के रूप में देखती हैं। वह ‘क्वीन’ कहे जाने पर भी इसे मीडिया की उपाधि मानती हैं और कहती हैं कि टीम में उनके लिए हर खिलाड़ी बराबर महत्वपूर्ण है।

अब लंदन सिटी लायनेस के साथ उनकी नई यात्रा शुरू हो चुकी है। बार्सिलोना में ट्रॉफियों से भरा करियर छोड़कर एक उभरते क्लब को आगे बढ़ाने की चुनौती स्वीकार करना पुटेलास की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। सितंबर में WSL में उनका पदार्पण सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं, बल्कि इंग्लैंड में महिला फुटबॉल के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का भी बड़ा क्षण होगा।

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