Amit Shah in Siliguri: ‘सीमाएं सुरक्षित हुए बिना भारत सुरक्षित नहीं’, गृह मंत्री का बड़ा बयान

सिलीगुड़ी में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीमाएं सुरक्षित हुए बिना भारत सुरक्षित नहीं हो सकता। उन्होंने सीमा सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर कई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब तक देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत सुरक्षित रह सकता है।

Amit Shah Siliguri Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत को पूरी तरह सुरक्षित माना जा सकता है। उन्होंने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने में वर्तमान राज्य सरकार के सहयोग की सराहना भी की।

सिलीगुड़ी का इलाका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं से भारत का सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, देश के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी भारत से जोड़ता है। ऐसे में इस क्षेत्र में सीमा सुरक्षा और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना केंद्र की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सीमा पर जमीन उपलब्ध कराने को लेकर ममता सरकार पर निशाना

अमित शाह ने कार्यक्रम में आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से कई बार जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। शाह के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2014 से सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए करीब 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग की थी। 

उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल में मौजूदा सरकार बनने के बाद यह जमीन उपलब्ध कराई गई। अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, नई राज्य सरकार ने लगभग 45 दिनों में 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की। गृह मंत्री ने इसे सीमा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की भी सराहना की।

SSB कार्यक्रम में शामिल होने पर मुख्यमंत्री की तारीफ

अमित शाह ने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों की ओर से SSB और BSF जैसे सीमा सुरक्षा बलों के कार्यक्रमों में भागीदारी की परंपरा बहुत कमजोर रही है। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने को सकारात्मक बदलाव बताया। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि SSB कोई राजनीतिक संगठन नहीं है। उनके अनुसार, सीमा की रक्षा करने वाले जवानों के कार्यक्रमों में राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी से सुरक्षा बलों के मनोबल को सकारात्मक संदेश मिलता है।

सीमा सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक पर भी जोर

सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार आधुनिक तकनीक और नए बुनियादी ढांचे पर भी जोर दे रही है। इससे पहले गृह मंत्रालय की ओर से सिलीगुड़ी क्षेत्र में सीमा बाड़ से छेड़छाड़ की पहचान करने वाली रेडियो आधारित प्रणाली और इंफ्रारेड अलार्म जैसी तकनीकों का निरीक्षण किया गया था। इन प्रणालियों का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों और बाड़ में मौजूद संभावित कमजोर हिस्सों की निगरानी को बेहतर बनाना है।

सरकार ने ‘स्मार्ट बॉर्डर’ की अवधारणा के तहत निगरानी, तकनीकी प्रणालियों और सुरक्षा बलों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना पर भी जोर दिया है।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर भी अमित शाह का बयान

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक देश में इसके पूर्ण संस्करण को वह सम्मान नहीं मिला, जिसकी वह अपेक्षा करते थे। शाह ने दावा किया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले में ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण संस्करण गाया गया। उन्होंने इसे गीत के रचनाकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।

अमित शाह का सिलीगुड़ी दौरा केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। सीमा सुरक्षा, BSF और SSB की तैनाती, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा पर केंद्र का विशेष जोर दिखाई दे रहा है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ और सीमा प्रबंधन लंबे समय से राजनीतिक और सुरक्षा विमर्श का महत्वपूर्ण मुद्दा रहे हैं। केंद्र का कहना है कि सीमा को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए बाड़, निगरानी तकनीक और सुरक्षा बलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है।

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