अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पिछले दस वर्षों के शासन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की सबसे ज्यादा मूर्तियाँ तोड़ी गईं।
लखनऊ: भारत में मनाई जा रही Ambedkar Jayanti के अवसर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद Akhilesh Yadav ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले वर्षों में B. R. Ambedkar की प्रतिमाओं को सबसे अधिक नुकसान इसी सरकार के दौरान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सद्भाव और संविधान के मूल्यों के खिलाफ हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
प्रतिमा तोड़फोड़ को लेकर सरकार पर आरोप
Akhilesh Yadav ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में देश के विभिन्न हिस्सों में बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ी हैं। उनका कहना है कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार चुनावों से पहले बजट और योजनाओं के माध्यम से “सकारात्मक संदेश” देने की कोशिश करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।
अपने बयान में अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों—जिन्हें वे PDA (Pichhda, Dalit, Alpsankhyak) समुदाय कहते हैं—के साथ अभी भी भेदभाव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक न्याय के मुद्दे को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि वास्तविक समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।

नोएडा घटना पर भी उठाए सवाल
Akhilesh Yadav ने नोएडा में हाल ही में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रशासनिक विफलता है, तो सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि इसके पीछे कोई साजिश है, तो इसके लिए राज्य सरकार और प्रशासन जिम्मेदार हैं।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार संविधान में निहित समानता और न्याय के सिद्धांतों को कमजोर कर रही है। उनके अनुसार, यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब B. R. Ambedkar के विचारों को केवल प्रतीकात्मक रूप से नहीं, बल्कि वास्तविक नीतियों में लागू करने की जरूरत है।
अपने बयान के अंत में Akhilesh Yadav ने भविष्य की राजनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सत्ता से बाहर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय और समानता के एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी और एक नए राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में काम करेगी।











