आंध्र प्रदेश में PMAY-G 2.0 के तहत तीन लाख घरों के निर्माण की आधारशिला रखी गई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छह लाख और घरों की घोषणा की। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि अगले वर्ष अतिरिक्त तीन लाख घर मिलेंगे।
अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 2.0 के तहत तीन लाख घरों के निर्माण की आधारशिला रखी। कार्यक्रम गुंटूर जिले के तेनाली विधानसभा क्षेत्र के बुर्रिपालेम में आयोजित किया गया। यह पहल आंध्र प्रदेश में ग्रामीण आवास को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की व्यापक योजना का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने राज्य में पहले चरण में तीन लाख घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र आंध्र प्रदेश के लिए छह लाख और घर मंजूर करेगा।
इसके साथ ही राज्य में PMAY-G 2.0 के तहत कुल आवास आवंटन नौ लाख तक पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अतिरिक्त तीन लाख घर अगले वर्ष आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने इसे राज्य में आवास कवरेज बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बुर्रिपालेम से शुरू हुआ आवास अभियान
बुर्रिपालेम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीन लाख घरों के निर्माण के लिए औपचारिक रूप से आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायडू और केंद्रीय मंत्री चौहान ने ग्रामीण आवास कार्यक्रम को गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
PMAY-G के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। आंध्र प्रदेश सरकार इस योजना के जरिए राज्य में आवास की कमी को दूर करने और अधिक से अधिक पात्र परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के बीच विकास सहयोग पर भी जोर दिया गया। चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश के विकास के लिए पूरा सहयोग देगी।
9 लाख घरों तक पहुंचेगा आवंटन
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा तीन लाख घरों के निर्माण के अलावा केंद्र सरकार राज्य के लिए तीन लाख और घर मंजूर करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ एक और तीन लाख घरों को मंजूरी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अतिरिक्त तीन लाख घर अगले वर्ष आवंटित किए जाएंगे। इस तरह राज्य के लिए कुल आवास आवंटन नौ लाख घरों तक पहुंच जाएगा।
इस घोषणा से आंध्र प्रदेश में ग्रामीण आवास कार्यक्रम के विस्तार का रास्ता साफ हुआ है। राज्य सरकार के लिए यह योजना ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर निर्माण गतिविधियों को बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करेगी।
आंध्र प्रदेश में 2029 तक पूर्ण आवास कवरेज का लक्ष्य
आंध्र प्रदेश ने 2029 तक पूर्ण आवास कवरेज हासिल करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे पात्र परिवारों तक आवास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जो अभी तक पक्के घर से वंचित हैं।
PMAY-G 2.0 के तहत प्रस्तावित आवास इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। तीन लाख घरों के निर्माण की शुरुआत के साथ राज्य में आवास परियोजनाओं को व्यापक स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सरकार के सामने अब यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि पात्र लाभार्थियों की पहचान, निर्माण की गुणवत्ता और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की प्रक्रिया प्रभावी तरीके से आगे बढ़े।
177 घरों का 3D प्रिंटेड पायलट प्रोजेक्ट
आवास योजना के साथ बुर्रिपालेम में निर्माण तकनीक के क्षेत्र में भी एक पायलट परियोजना शुरू की गई है। यहां 177 घरों में 3D-प्रिंटेड दीवारों का इस्तेमाल किया जाएगा।
यह परियोजना ग्रामीण आवास निर्माण में नई तकनीक के उपयोग की संभावनाओं को परखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 3D प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल निर्माण प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
बुर्रिपालेम में शुरू किया गया यह पायलट प्रोजेक्ट इस बात का परीक्षण करेगा कि ग्रामीण आवास परियोजनाओं में 3D-प्रिंटेड दीवारों जैसी तकनीकों को किस तरह लागू किया जा सकता है। इसके परिणाम भविष्य की आवास परियोजनाओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
केंद्र और राज्य के बीच विकास सहयोग
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश के विकास के लिए पूर्ण समर्थन देगी। आवास योजना के अलावा राज्य के व्यापक विकास में केंद्र और राज्य के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया।
केंद्र की ओर से अतिरिक्त छह लाख घरों की घोषणा के बाद आंध्र प्रदेश में ग्रामीण आवास कार्यक्रम का पैमाना काफी बढ़ जाएगा। पहले चरण के तीन लाख घरों के साथ अतिरिक्त आवंटन को जोड़ने पर कुल संख्या नौ लाख तक पहुंच सकती है।
मुख्यमंत्री नायडू ने भी अतिरिक्त तीन लाख घरों के अगले वर्ष मिलने की बात कही। इससे राज्य की दीर्घकालिक आवास योजना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ा आवास कार्यक्रम
आंध्र प्रदेश में नौ लाख घरों का प्रस्तावित आवंटन ग्रामीण आवास क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बड़ी संख्या में परिवारों को पक्के आवास का लाभ मिल सकता है।
हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर आवास निर्माण के लिए प्रशासनिक समन्वय, निर्माण सामग्री की उपलब्धता, लाभार्थियों की पहचान और परियोजनाओं की निगरानी महत्वपूर्ण होगी। राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय इस कार्यक्रम की सफलता के लिए अहम रहेगा।
बुर्रिपालेम से शुरू हुआ तीन लाख घरों का पहला चरण और 177 3D-प्रिंटेड घरों का पायलट प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश के ग्रामीण आवास कार्यक्रम में दो अलग-अलग पहलुओं को सामने लाता है—एक ओर बड़े पैमाने पर आवास निर्माण और दूसरी ओर नई निर्माण तकनीक का प्रयोग।
2029 के लक्ष्य की ओर बढ़ता राज्य
आंध्र प्रदेश सरकार ने 2029 तक पूर्ण आवास कवरेज का लक्ष्य रखा है। ऐसे में PMAY-G 2.0 के तहत प्रस्तावित नौ लाख घर इस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त आवास मंजूर किए जाने की घोषणा और राज्य सरकार की ओर से अगले वर्ष तीन लाख अतिरिक्त घरों की जानकारी के बाद आवास कार्यक्रम का दायरा और बढ़ने वाला है।
अब निगाहें इन परियोजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर रहेंगी। यदि निर्माण निर्धारित समय और गुणवत्ता मानकों के अनुसार आगे बढ़ता है, तो यह कार्यक्रम आंध्र प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।











