एक बेटी ने रात में अपनी मां को फोन किया और रोते हुए घर वापस ले जाने की गुहार लगाई। उसने कथित तौर पर कहा कि आरजू उसे रोज पीटता है और वह अब वहां नहीं रहना चाहती। मां से हुई इस बातचीत के कुछ ही घंटों बाद सुबह अंकिता का शव मिलने की खबर सामने आई। बेटी की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां ने आरोप लगाया कि अंकिता ने दूसरे धर्म के युवक से प्रेम विवाह किया था और शादी के बाद उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। रात में बेटी की परेशानी सुनने और सुबह उसकी मौत की खबर मिलने से परिवार सदमे में है। घटना के बाद मामले की निष्पक्ष जांच और मौत की वजह सामने लाने की मांग उठ रही है।
परिवार के अनुसार, अंकिता ने रात में अपनी मां से बातचीत के दौरान अपनी परेशानी बताई थी। वह रो रही थी और मां से उसे घर ले जाने के लिए कह रही थी। बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर पति आरजू पर मारपीट करने का आरोप लगाया। बेटी की बात सुनकर मां चिंतित हो गईं। हालांकि, उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद ऐसी दुखद खबर सामने आएगी। सुबह अंकिता का शव मिलने की जानकारी ने परिवार को झकझोर दिया।
अंकिता की मां का कहना है कि उनकी बेटी ने आरजू से प्रेम विवाह किया था। मां के मुताबिक, दोनों ने परिवार की परंपराओं से अलग जाकर शादी की थी और युवक दूसरे धर्म से था। परिवार अब आरोप लगा रहा है कि विवाह के बाद अंकिता को परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट होती थी। मां ने बेटी की मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, प्रताड़ना और मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
रात में मां से हुई बातचीत इस मामले का अहम पहलू बन सकती है। यदि बातचीत की रिकॉर्डिंग, फोन कॉल का विवरण या अन्य संबंधित साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो जांच में उनकी पड़ताल की जा सकती है। पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि अंकिता ने किन परिस्थितियों में अपनी मां से बात की थी, उसने अपनी परेशानी के बारे में क्या बताया था और इसके बाद क्या हुआ। परिवार के बयान के साथ-साथ अन्य साक्ष्यों को जोड़कर घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा सकती है।
सुबह शव मिलने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल अंकिता की मौत की वजह का है। उसकी मां अपनी बेटी की मौत से गहरे सदमे में हैं। जिस बेटी ने रात में घर लौटने की गुहार लगाई थी, सुबह उसके शव मिलने की खबर ने परिवार को असहनीय दुख पहुंचाया। परिजनों की मांग है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और यदि किसी ने अंकिता को प्रताड़ित किया या उसकी मौत में किसी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
इस मामले में मौत के वास्तविक कारण का पता लगाना सबसे महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच में घटनास्थल की परिस्थितियों, चिकित्सकीय रिपोर्ट, परिवार के बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका अहम हो सकती है। यदि मारपीट या घरेलू प्रताड़ना की शिकायत से संबंधित कोई पूर्व रिकॉर्ड मिलता है, तो वह भी जांच का हिस्सा बन सकता है। फिलहाल, केवल परिवार के आरोपों के आधार पर मौत की वजह या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।
अंकिता की मौत ने उसके परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। मां की ओर से लगाए गए आरोप और मौत से पहले बेटी की कथित फोन बातचीत इस मामले को गंभीर बनाते हैं। अब परिवार को जांच से जवाब मिलने का इंतजार है। अंकिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उसके साथ वास्तव में क्या हुआ और किसी की आपराधिक भूमिका थी या नहीं, इसका स्पष्ट खुलासा जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगा










