Anupriya Patel ने अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद CM योगी को लिखी चिट्ठी, BJP पर बढ़ सकता है दबाव

Anupriya Patel ने 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी। उन्होंने भर्ती में कथित आरक्षण विसंगतियों और

केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर 68,500 शिक्षक भर्ती मामले को उठाया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की हलचल के बीच केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने 68,500 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने भर्ती के अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से मामले पर गंभीरता से विचार करने और न्यायोचित समाधान निकालने की अपील की है। अनुप्रिया पटेल की इस पहल को सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनका दावा है कि प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया और आरक्षित वर्गों को निर्धारित छूट का पूरा लाभ नहीं मिला। इसी मुद्दे को अब अनुप्रिया पटेल ने भी प्रमुखता से उठाया है।

अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद लिया मुद्दा

अनुप्रिया पटेल ने 2 अक्टूबर को लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने उनकी समस्याओं और मांगों को विस्तार से सुना। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों के समाधान और न्याय की मांग करते हुए उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। मुलाकात के बाद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि यह सिर्फ कुछ उम्मीदवारों का मामला नहीं है, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाने की कोशिश करेंगी।

मुख्यमंत्री योगी को लिखी चिट्ठी में क्या कहा?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में अनुप्रिया पटेल ने भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों को लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार है, उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी कहा कि अपना दल अभ्यर्थियों के साथ मजबूती से खड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने यह संकेत भी दिया कि आवश्यकता पड़ने पर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी इस मामले को उठाएंगी।

अनुप्रिया पटेल की ओर से मामले को लेकर सक्रियता ऐसे समय सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में उनकी मांग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज होना स्वाभाविक माना जा रहा है।

68500 शिक्षक भर्ती में क्या है विवाद?

68,500 शिक्षक भर्ती उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया रही है। इसके अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती के दौरान आरक्षण व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आरक्षित वर्गों के लिए लागू नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। इसके अलावा उनका दावा है कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को मिलने वाली पांच प्रतिशत की निर्धारित छूट का भी उचित लाभ नहीं दिया गया। 

इन शिकायतों के समाधान और नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और आधिकारिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी। इसी कारण अभ्यर्थी लगातार सरकार से मामले की दोबारा समीक्षा और स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं।

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