असम में कांग्रेस का संकट: पाला बदलने वाले नेताओं के बीच डैमेज कंट्रोल में लगी पार्टी

Indian National Congress असम में पाला बदलने वाले नेताओं के बीच संकट में है। पार्टी डैमेज कंट्रोल में लगी हुई है और आगामी चुनावों में नुकसान कम करने के लिए

असम विधानसभा चुनाव से केवल 20 दिन बचे हैं, लेकिन कांग्रेस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने के बजाय पाला बदलने वाले नेताओं के कारण डैमेज कंट्रोल में जुटी दिखाई दे रही है। 

नई दिल्ली: Assam के विधानसभा चुनाव में केवल 20 दिन बचे हैं, लेकिन Indian National Congress सत्ता की बाजी पलटने के लिए अपनी रणनीति सिरे चढ़ाने के बजाय फिलहाल सूबे के कई वरिष्ठ नेताओं के पाला बदलने से लगे झटके को संभालने में लगी हुई दिख रही है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बीच अपने कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने के चलते कांग्रेस को चुनाव पूर्व असम में गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी की चुनावी नैया डांवाडोल होने से बचाने के लिए कांग्रेस हाईकमान को चुनाव रणनीति पर नए सिरे से मंथन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

पाला बदलने वाले नेताओं से झटका

चुनाव से पहले असम में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। नगांव से लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलई ने हाल ही में पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया, जिसके बाद पार्टी में हलचल बढ़ गई। इसके अलावा पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा, बोडो क्षेत्र के नेता प्राणेश्वर बसुमतारी और पूर्व विधायक मनोरंजन दास समेत कई नेता भाजपा में शामिल हुए।

ये नेता उम्मीदवारों के चयन और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई की ओर से अनुभवी नेताओं को नजरअंदाज करने के आरोपों के चलते पार्टी छोड़ रहे हैं। ऐसे समय में यह झटका कांग्रेस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल

पाला बदलने के इन झटकों के बाद कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव रणनीति पर नई बैठक आयोजित की। इस बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा, असम प्रभारी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ चुनाव पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार शामिल हुए। बैठक में निर्णय लिया गया कि कांग्रेस अपनी विचारधारा और राजनीतिक नैतिकता के मानकों को कायम रखते हुए पाला बदलने वाले नेताओं के खिलाफ मजबूत संदेश देगी। 

इसके साथ ही भाजपा पर भी चुनावी हमले तेज किए जाएंगे ताकि जनता में स्पष्ट संदेश जाए कि कांग्रेस की प्राथमिकता जनता की भलाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख है।

डीके शिवकुमार का संदेश

बैठक के बाद डीके शिवकुमार ने कहा, प्रियंका गांधी के नेतृत्व में आयोजित असम चुनाव रणनीति बैठक से स्पष्ट है कि एकजुटता और नए संकल्प के साथ हम उस बदलाव को लाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे, जिसकी असम की जनता को पूरी उम्मीद है। कांग्रेस असम में लंबे समय से सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने का प्रयास कर रही है। तरूण गोगोई के नेतृत्व में पार्टी लगातार तीन बार राज्य में सत्ता में रही, लेकिन 2016 के बाद भाजपा के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस किसी भी चुनाव में सफलता नहीं हासिल कर पाई।

हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में गौरव गोगोई की जोरहाट से जीत ने पार्टी को थोड़ी नई ऊर्जा दी है, लेकिन पाला बदलने वाले नेताओं के कारण अगले 20 दिनों में पार्टी के सामने असम के मतदाताओं का विश्वास जीतने की चुनौती बड़ी बनी हुई है।

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