Auto Stocks में बड़ा मौका, 2026 के लिए तीन मजबूत दांव, देखें डिटेल्स

Auto सेक्टर में 2026 के लिए बड़ा मौका बन रहा है। Axis Direct ने Eicher Motors, Bajaj Auto और Ashok Leyland को टॉप पिक्स बताया है, जहां निर्यात, मार्जिन मे बढ़त।

ऑटो सेक्टर में 2026 के लिए निवेश अवसर बन रहा है। Axis Direct ने Eicher Motors, Bajaj Auto और Ashok Leyland को टॉप पिक्स बताया है। निर्यात बढ़त, बेहतर मार्जिन और मजबूत बाजार हिस्सेदारी से इन कंपनियों में स्थिर ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है।

Auto Stocks: ऑटो सेक्टर एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। निर्यात में सुधार, बेहतर मार्जिन और बाजार हिस्सेदारी में बढ़त की उम्मीद ने इस सेक्टर को चर्चा में ला दिया है। ब्रोकरेज हाउस Axis Direct ने अपनी Q3FY26 अपडेट रिपोर्ट में तीन शेयरों को ‘टॉप कन्विक्शन आइडियाज़’ की सूची में रखा है। इसमें दोपहिया सेगमेंट से Eicher Motors और Bajaj Auto, जबकि कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट से Ashok Leyland को सबसे मजबूत दांव बताया गया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इन कंपनियों में आगे स्थिर ग्रोथ, बेहतर EBITDA और मजबूत बाजार पकड़ देखने को मिल सकती है।

Eicher Motors पर भरोसा

Eicher Motors, जो Royal Enfield की पैरेंट कंपनी है, पर Axis Direct ने ‘खरीदें’ की सलाह देते हुए 8,060 रुपये का टारगेट दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने अपने प्रोडक्ट रिफ्रेश साइकिल के जरिए घरेलू बाजार में नई ऊर्जा भरी है।

Classic, Bullet और Hunter जैसे मॉडलों में नए वेरिएंट लॉन्च करने से Q3FY26 में वॉल्यूम ग्रोथ 21 प्रतिशत रही। पोस्ट GST मांग में जो नरमी आई थी, उसे कंपनी ने नए अपडेट और बेहतर मार्केटिंग के जरिए संभाल लिया।

Hunter 350 की लोकप्रियता खासकर युवा ग्राहकों में तेजी से बढ़ी है। 23 से 24 वर्ष आयु वर्ग में ग्राहकों की हिस्सेदारी बढ़ना इस बात का संकेत है कि ब्रांड नई पीढ़ी को आकर्षित कर रहा है।

निर्यात भी कंपनी की ताकत बनकर उभरा है। पहले नौ महीनों में अंतरराष्ट्रीय वॉल्यूम 34 प्रतिशत बढ़कर 1,04,506 यूनिट तक पहुंच गया। ब्राजील में दूसरा CKD यूनिट शुरू होने से कंपनी की वैश्विक पकड़ मजबूत हो रही है।

मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि उसका फोकस केवल मार्जिन पर नहीं बल्कि वॉल्यूम और एब्सोल्यूट EBITDA ग्रोथ पर है। Q3 में स्टैंडअलोन EBITDA 30 प्रतिशत बढ़ा। ब्रोकरेज को FY25 से FY28 के बीच 15 से 16 प्रतिशत EBITDA CAGR की उम्मीद है। यही वजह है कि Eicher Motors को दोपहिया सेगमेंट में मजबूत विकल्प माना जा रहा है।

Bajaj Auto की वैश्विक वापसी, 3W सेगमेंट में बढ़त

Bajaj Auto को भी ‘खरीदें’ की रेटिंग के साथ 10,790 रुपये का टारगेट दिया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत वापसी कर रही है।

Q3FY26 में निर्यात वॉल्यूम 18 प्रतिशत बढ़कर 6 लाख यूनिट से ऊपर पहुंच गया। 40 महीनों में पहली बार मासिक रन रेट 2 लाख यूनिट के पार गया। शीर्ष 30 विदेशी बाजारों में कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ रही है, जो उसकी प्रतिस्पर्धी ताकत दिखाती है।

लैटिन अमेरिका में रिकॉर्ड प्रदर्शन और ब्राजील में विस्तार कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को मजबूत कर रहे हैं।

तीन पहिया यानी 3W सेगमेंट में भी Bajaj Auto का दबदबा कायम है। इंडस्ट्री में गिरावट के बावजूद कंपनी ने अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी है। इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर और ई रिक्शा सेगमेंट में कंपनी ने लीडरशिप हासिल की है।

इसके अलावा Bajaj Auto Credit Limited कंपनी के लिए साइलेंट वैल्यू क्रिएटर बनकर उभरी है। एसेट अंडर मैनेजमेंट 16,500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और पूंजी पर्याप्तता अनुपात लगभग 19.8 प्रतिशत है।

ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, विविध पोर्टफोलियो और स्केल का फायदा कंपनी को आने वाले वर्षों में स्थिर लाभकारी ग्रोथ दिला सकता है।

Ashok Leyland का कमर्शियल व्हीकल में दबदबा

कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में Axis Direct की पहली पसंद Ashok Leyland है। शेयर पर ‘खरीदें’ की सलाह के साथ 225 रुपये का टारगेट दिया गया है।

Q3FY26 में कंपनी ने इंडस्ट्री से बेहतर प्रदर्शन किया। घरेलू मध्यम और भारी कमर्शियल वाहन सेगमेंट में वॉल्यूम 23.4 प्रतिशत बढ़ा। इससे बाजार हिस्सेदारी 30.9 प्रतिशत तक पहुंच गई।

हल्के कमर्शियल वाहन सेगमेंट में भी 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उत्तर भारत में कंपनी की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से ऊपर पहुंचना उसके पैन इंडिया विस्तार की सफलता को दिखाता है।

कंपनी की वित्तीय शाखा हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस तेजी से बढ़ रही है। एयूएम 56,470 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। रिवर्स मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जिससे कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा और वैल्यू अनलॉक की संभावना बढ़ेगी।

निर्माण क्षमता और डीलर नेटवर्क का विस्तार भी जारी है। लखनऊ प्लांट शुरू हो चुका है और बस बॉडी बिल्डिंग क्षमता 20,000 यूनिट सालाना तक बढ़ाई जा रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि अगले दो से तीन साल तक मौजूदा क्षमता से ही ग्रोथ संभव है, जिससे अतिरिक्त भारी कैपेक्स की जरूरत नहीं पड़ेगी।

ऑटो सेक्टर में क्यों बन रहा है अवसर

ब्रोकरेज का मानना है कि ऑटो सेक्टर को कई सकारात्मक कारकों का समर्थन मिल सकता है। प्रोडक्ट प्रीमियमाइजेशन से बेहतर मार्जिन मिलने की संभावना है। निर्यात बाजारों में सुधार दिख रहा है। ग्रामीण मांग में उछाल और जीएसटी दर में संभावित राहत से भी सेक्टर को फायदा मिल सकता है।

हालांकि पूरा सेक्टर एक जैसा प्रदर्शन नहीं करेगा। इसलिए चुनिंदा कंपनियों पर ध्यान देना जरूरी है। Axis Direct ने साफ किया है कि अंधाधुंध निवेश की बजाय मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और स्पष्ट ग्रोथ रणनीति वाली कंपनियों पर दांव लगाना चाहिए।

निवेशकों के लिए क्या रणनीति

यदि आप 2026 के लिए संभावित सुपरस्टार शेयरों की तलाश में हैं, तो ऑटो सेक्टर के इन तीन नामों पर नजर रख सकते हैं। Eicher Motors, Bajaj Auto और Ashok Leyland में घरेलू मांग, निर्यात ग्रोथ और बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की संभावनाएं दिख रही हैं।

फिर भी निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और समय सीमा को समझना जरूरी है। बाजार में उतार चढ़ाव बना रहता है, इसलिए लंबी अवधि की सोच के साथ निवेश करना बेहतर रहता है।

ऑटो सेक्टर और Stock Market से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें। सही जानकारी और ठोस रिसर्च के साथ लिया गया फैसला ही बेहतर रिटर्न दिला सकता है।

(डिस्क्लेमर- यह रिपोर्ट ब्रोकरेज की राय पर आधारित है। निवेश करने से पहले अपनी समझ और वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

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