अयोध्या में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार को शहर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ आसमान में घने बादल छाए रहे। कई स्थानों पर बारिश के कारण सड़कें गीली हो गईं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। मौसम के बदले मिजाज के बीच तेज हवा भी चल रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अयोध्या में 25 और 26 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है।
गुरुवार से ही अयोध्या में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिन की शुरुआत बादलों के साथ हुई और इसके बाद कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक बारिश कभी तेज तो कभी हल्की होती रही और देर तक मौसम खराब बना रहा। बारिश के साथ हवा चलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले दिनों की गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली।
अयोध्या के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण जलनिकासी व्यवस्था पर भी दबाव दिखाई दिया। मौलाना बख्श नगर सहित कुछ इलाकों में नाले उफनाने से सड़क पर पानी जमा होने की जानकारी सामने आई है। कसाबबाड़ा मार्ग और ऋषि टोला की आंतरिक सड़कों पर भी जलभराव से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश के दौरान कई जगह वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अयोध्या में सामान्य तौर पर बादल छाए रहने और बारिश या गरज-चमक के साथ मौसम बने रहने की संभावना है। 25 सितंबर के लिए भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवा की चेतावनी दर्ज की गई है। 26 सितंबर को भी भारी बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना बताई गई है।
अयोध्या के लिए जारी सात दिन के पूर्वानुमान में 27 सितंबर को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है। 28 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है, जबकि 29 सितंबर को भी बादल और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि इन तारीखों के लिए अयोध्या के स्थानीय मौसम चेतावनी पेज पर अलग से कोई चेतावनी दर्ज नहीं की गई है।
उत्तर प्रदेश के व्यापक मौसम पूर्वानुमान में भी 25 से 28 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और मानसून की सक्रियता का असर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में दिखाई दे रहा है। इसके कारण कई जिलों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का दौर बन सकता है।
अयोध्या में गुरुवार को हुई बारिश के कारण शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव की समस्या भी सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार कई दिनों से गर्मी और उमस का सामना करने के बाद अचानक हुई बारिश से तापमान में राहत मिली, लेकिन जलनिकासी की समस्या के कारण कुछ मोहल्लों में लोगों को परेशानी भी हुई। मुख्य नालों में पानी भरने के बाद बारिश का पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा होने की शिकायत सामने आई।
बारिश के दौरान आसमान में घने काले बादल छाए रहने से दिन में भी कई जगह अंधेरा जैसा माहौल बना रहा। वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। सड़क पर पानी और फिसलन बढ़ने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ी। शहर के व्यस्त रास्तों पर बारिश के कारण यातायात की गति भी प्रभावित हुई।
अयोध्या एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र है, इसलिए बारिश का असर स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर भी पड़ सकता है। खराब मौसम में मंदिरों, घाटों और बाजारों की ओर जाने वाले लोगों को सावधानी बरतनी पड़ सकती है। खासकर तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर रुकने से बचना जरूरी है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश की स्थिति में जलभराव बढ़ सकता है। जिन इलाकों में पहले से जलनिकासी की समस्या है, वहां थोड़े समय की तेज बारिश भी सड़कों पर पानी जमा कर सकती है। प्रशासन और नगर निकाय के लिए ऐसे स्थानों से पानी निकालने की व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
तेज हवा के दौरान बिजली के तार, पेड़ और अस्थायी ढांचे प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए मौसम खराब होने के दौरान लोगों को पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने और खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं रुकने की सलाह दी जाती है। आकाशीय बिजली की स्थिति में सुरक्षित भवन के अंदर रहना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
अयोध्या के मौसम में यह बदलाव मानसून की विदाई से पहले हो रहा है। उत्तर प्रदेश में मानसून वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसमी सिस्टम और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण बारिश के दौर फिर सक्रिय हो रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
शुक्रवार और शनिवार को अयोध्या में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 25 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 26 सितंबर को भी तापमान इसी के आसपास रहने की संभावना है। बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में गिरावट बनी रह सकती है।
27 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने के संकेत हैं, लेकिन बादल और हल्की बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होगी। अयोध्या के सात दिवसीय पूर्वानुमान में 27 सितंबर को बारिश या गरज-चमक, 28 सितंबर को आंशिक बादल और 29 सितंबर को भी आंशिक बादल के साथ हल्की बारिश की संभावना बताई गई है।
इस दौरान किसानों को भी मौसम पर नजर रखने की जरूरत होगी। बारिश का असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ सकता है। जिन किसानों की फसल कटाई या अन्य कृषि कार्य की तैयारी चल रही है, उन्हें स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार काम तय करने की आवश्यकता हो सकती है। तेज हवा और लगातार बारिश से खेतों में पानी जमा होने की स्थिति भी बन सकती है।
शहर में बारिश के बाद सबसे बड़ी चुनौती जलनिकासी की रहती है। जिन स्थानों पर नालियां पहले से पानी से भरी हैं, वहां लगातार बारिश होने पर पानी सड़कों पर फैल सकता है। गुरुवार को भी अयोध्या के कुछ मोहल्लों में नाले भरने और सड़क पर पानी जमा होने की सूचना सामने आई थी। इससे साफ है कि आने वाले बारिश के दौर में नगर क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बना रह सकता है।
मौसम में बदलाव के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर कामकाजी लोगों तक को बारिश के दौरान आवागमन में परेशानी हो सकती है। सड़क पर जलभराव और फिसलन के कारण दोपहिया वाहनों से सफर करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। तेज हवा के समय वाहन चलाते हुए खुले क्षेत्रों और पेड़ों के आसपास सतर्क रहना जरूरी है।
अयोध्या में बारिश का असर धार्मिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। सरयू घाट और खुले क्षेत्रों में जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ना चाहिए। गरज-चमक और तेज हवा के दौरान नदी या खुले घाट के आसपास अधिक देर तक रुकने से बचना बेहतर रहेगा। प्रशासन के लिए भी घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मौसम की स्थिति के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा।
फिलहाल मौसम विभाग की सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी 25 और 26 सितंबर को लेकर है। इन दोनों दिनों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इसके बाद 27 से 29 सितंबर के बीच मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने का अनुमान है, हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश का दौर बना रह सकता है।
इसलिए अयोध्या में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। खासकर बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचना, जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी से जाना और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहना जरूरी है। तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी निर्माणों के पास खड़े होने से भी बचना चाहिए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 29 सितंबर तक अयोध्या में बादल और बारिश की संभावना बनी रह सकती है, लेकिन 25-26 सितंबर के मुकाबले बाद के दिनों में अलग से कोई गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं है। ऐसे में फिलहाल सबसे ज्यादा सतर्कता शुक्रवार और शनिवार को रखने की जरूरत है।
अयोध्या में मानसून की विदाई से पहले हुई इस बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था और निचले इलाकों की परेशानियों को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति कैसी रहती है, यह बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसमी सिस्टम और मानसून की गतिविधि पर निर्भर करेगा। फिलहाल मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवा को लेकर लोगों को सतर्क रहने का संकेत दिया है।










