अयोध्या में सितंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम ने अचानक करवट ली है। जिले में लगातार बारिश का दौर जारी है और आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। बारिश के साथ तेज हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को अयोध्या में भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके इससे अधिक तेज भी हो सकते हैं। शुक्रवार को अयोध्या में 31.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार अयोध्या में करीब 36 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। शुक्रवार सुबह कई इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ी और तेज हवाएं चलीं। इस दौरान स्थानीय स्तर पर 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की जानकारी सामने आई। तेज हवा और लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पानी जमा होने के साथ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी है।
बारिश और हवा का सबसे ज्यादा असर अब खेतों में दिखाई देने लगा है। अयोध्या के ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल कई जगह पकने की स्थिति में है। ऐसे समय में तेज हवा और बारिश जारी रहने से तैयार धान के खेत में गिरने का खतरा बढ़ गया है। फसल गिरने के बाद किसानों को कटाई में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है और अगर खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहा तो दाने की गुणवत्ता और उपज पर भी असर पड़ने की आशंका है।
रुदौली तहसील क्षेत्र से मिली जानकारी के मुताबिक तेज हवाओं के साथ बारिश होने से धान और गन्ने की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी है। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार हो रही है और हवा के साथ बारिश जारी रहने पर पौधे खेत में गिर सकते हैं। वहीं गन्ने की फसल में भी तेज हवा के कारण पौधों के गिरने का खतरा बना हुआ है। निचले खेतों में पानी जमा होने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
किसानों के मुताबिक फिलहाल वास्तविक नुकसान का आकलन करना जल्दबाजी होगी। बारिश थमने और खेतों से पानी निकलने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई है। अगर बारिश और तेज हवा का दौर लगातार चलता रहा तो नुकसान का दायरा बढ़ सकता है। खासकर पक चुकी धान की फसल के लिए यह समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसान कटाई की तैयारी में जुटे हुए हैं।
अयोध्या में लगातार बारिश का असर शहर के निचले इलाकों में भी देखा गया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार सब्जी मंडी और जलवानपुरा सहित कुछ स्थानों पर सड़क पर पानी जमा हुआ, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। बारिश के दौरान यातायात की गति भी प्रभावित रही। अगर अगले कुछ घंटों में तेज बारिश जारी रहती है तो जलभराव वाले इलाकों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक 25 सितंबर को अयोध्या में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 8:30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता 92 प्रतिशत रही। 26 सितंबर के लिए अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान में 27 सितंबर को भी अयोध्या में एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है। हालांकि उस दिन किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं है। 28 सितंबर से आसमान आंशिक रूप से बादलयुक्त रहने और बारिश की गतिविधि में कमी आने के संकेत हैं। इसके बाद तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है और 30 सितंबर तथा 1 अक्टूबर तक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने का अनुमान है।
अयोध्या समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का यह दौर बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव वाले मौसम तंत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी है। कुछ इलाकों में तेज हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना भी जताई गई है।
भारी बारिश और तेज हवा को देखते हुए प्रशासन ने भी प्रभावित जिलों में सतर्कता बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अयोध्या समेत कई जिलों में शनिवार को भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी के मद्देनजर स्कूल बंद रखने का निर्णय भी लिया गया है।
किसानों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता खेतों में खड़ी फसल है। धान की तैयार फसल तेज हवा से गिरने और खेतों में पानी भरने से प्रभावित हो सकती है, जबकि गन्ने के पौधों के गिरने की आशंका भी बनी हुई है। हालांकि बारिश रुकने के बाद खेतों का निरीक्षण और फसल की वास्तविक स्थिति सामने आने पर ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। किसानों को मौसम साफ होने तक खेतों में जलनिकासी की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार काम करने की जरूरत है।
फिलहाल अयोध्या में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर पूरी तरह थमा नहीं है। अगले एक-दो दिनों में मौसम में बदलाव आने के संकेत हैं, लेकिन 26 और 27 सितंबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को तेज हवा के दौरान पेड़ों, कमजोर दीवारों और जर्जर भवनों से दूर रहने तथा बारिश के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाने की सलाह दी जाती है। किसानों के लिए भी अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि बारिश थमने के बाद ही धान और गन्ने की फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन संभव होगा।











