भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में खेली जा रही बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारतीय शटलरों ने शानदार शुरुआत की है। टूर्नामेंट के पहले ही दिन 21 वर्षीय आयुष शेट्टी ने बड़ा उलटफेर करते हुए वर्ल्ड नंबर-1 और डिफेंडिंग चैंपियन चीन के शी यूकी को 21-14, 13-21, 21-19 से हरा दिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: Badminton World Championship 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार आगाज किया है। नई दिल्ली में खेले जा रहे टूर्नामेंट के पहले दिन 21 वर्षीय आयुष शेट्टी ने बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी चीन के शि यू की को हराया, जबकि पीवी सिंधू ने भी अपने पहले मुकाबले में आसान जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई।
भारत की मेजबानी में आयोजित बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का आगाज भारतीय शटलरों के लिए बेहद यादगार रहा। राजधानी नई दिल्ली में 17 अगस्त से शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत के युवा और अनुभवी खिलाड़ियों ने पहले ही दिन दमदार प्रदर्शन किया। सबसे बड़ी चर्चा पुरुष एकल में 21 वर्षीय आयुष शेट्टी की ऐतिहासिक जीत की रही, जिन्होंने चीन के वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी शि यू की को रोमांचक मुकाबले में हराकर टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर कर दिया।
महिला एकल में भारत की दिग्गज खिलाड़ी और पांच बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक विजेता पीवी सिंधू ने भी अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। सिंधू ने आयरलैंड की सोफिया नोबल को सीधे गेमों में हराकर अगले दौर में प्रवेश कर लिया। पुरुष और महिला युगल वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए आगे की राह मजबूत की।
आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को हराकर किया बड़ा उलटफेर
भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के पहले दौर में शानदार प्रदर्शन किया। 21 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने दुनिया के नंबर-1 शटलर शि यू की के खिलाफ तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-14, 13-21, 21-19 से जीत हासिल की। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि आयुष शेट्टी इससे पहले शि यू की के खिलाफ मिली हार के बाद मैदान पर उतरे थे।
इस बार युवा भारतीय खिलाड़ी ने मजबूत शुरुआत की और पहला गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए मुकाबला बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक गेम में आयुष ने दबाव के बावजूद शानदार संयम दिखाया। तीसरे गेम के अंतिम चरण में मुकाबला बेहद करीबी हो गया था। दोनों खिलाड़ियों के बीच हर अंक के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, लेकिन आयुष ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर खेल दिखाते हुए 21-19 से गेम और मैच जीत लिया। इस हार के साथ दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी का वर्ल्ड चैंपियनशिप अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया।
जीत के बाद आयुष शेट्टी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने करियर के खास पलों में से एक बताया। यह सफलता न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में भारत की युवा प्रतिभा की मजबूत मौजूदगी का भी संकेत देती है।

पीवी सिंधू ने सीधे गेमों में जीता पहला मुकाबला
भारत की सबसे सफल बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल पीवी सिंधू ने महिला एकल में अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की। सिंधू ने आयरलैंड की सोफिया नोबल को 21-7, 21-11 से हराकर पहले दौर की बाधा आसानी से पार कर ली। मुकाबले में सिंधू शुरुआत से ही नियंत्रण में नजर आईं। उन्होंने अपनी आक्रामक शैली और अनुभव का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं दिया। पहले गेम में एकतरफा जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने दूसरे गेम में भी अपनी लय बनाए रखी और सीधे गेमों में मुकाबला खत्म कर दिया।
अब अगले दौर में सिंधू का सामना कनाडा की वेन यू झांग से होगा। भारतीय स्टार 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं और एक बार फिर खिताब की दावेदारों में शामिल हैं। उनके अनुभव और बड़े टूर्नामेंटों में रिकॉर्ड को देखते हुए भारतीय प्रशंसकों की उनसे पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रभावशाली रिकॉर्ड
बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में भारत ने अब तक 15 पदक जीते हैं। इनमें पीवी सिंधू का योगदान सबसे बड़ा है। सिंधू अकेले पांच पदक जीत चुकी हैं, जिनमें एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। भारत के लिए प्रकाश पादुकोण, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, बी. साई प्रणीत, लक्ष्य सेन और एचएस प्रणय जैसे खिलाड़ियों ने भी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पदक जीते हैं। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी तथा महिला युगल में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने भी भारत को वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक दिलाए हैं।












