बैरगनिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रशासनिक अधिकारियों की टीम अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गई। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था की कई खामियां उजागर हुईं। सबसे गंभीर बात यह रही कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने कार्य समय में अनुपस्थित पाए गए। इसे लेकर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण टीम ने सबसे पहले उपस्थिति पंजी की जांच की। रजिस्टर में हस्ताक्षर तो दर्ज थे, लेकिन मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद नहीं थे। इस पर अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा। बताया गया कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहना सेवा नियमों का उल्लंघन है और इस पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
अस्पताल में मौजूद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यशैली भी संतोषजनक नहीं पाई गई। कई कर्मचारी निर्धारित ड्रेस कोड में नहीं थे और कुछ विभागों में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं मिली। दवा वितरण काउंटर पर भी अव्यवस्था देखी गई, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने मौके पर ही कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों से भी बातचीत की गई। कई मरीजों ने शिकायत की कि डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं रहते और छोटी-छोटी जांच के लिए भी उन्हें बाहर जाना पड़ता है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि दवाओं की कमी के कारण उन्हें बाजार से दवा खरीदनी पड़ती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को चेतावनी दी।
अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, शौचालय की स्थिति, वार्ड में बेड की उपलब्धता, दवाओं का स्टॉक रजिस्टर और प्रसव कक्ष की व्यवस्था की भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर रिकॉर्ड अद्यतन नहीं पाया गया, जिस पर नाराजगी जताई गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट किए जाएं और पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराना है। यदि भविष्य में भी इस तरह की अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने निरीक्षण के बाद उम्मीद जताई कि अब अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होगा। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी। औचक निरीक्षण से यह संदेश गया है कि प्रशासन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर है।
अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि सभी चिकित्सक और कर्मचारी समय पर उपस्थित रहें, मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग और आकस्मिक निरीक्षण जारी रखने की बात भी कही गई, ताकि व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।











