बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रमुख यूनियनों के साझा मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने सरकार के रुख के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। UFBU में शामिल 9 प्रमुख बैंक संगठन सप्ताह में पांच दिन काम करने की मांग कर रहे हैं।
Bank Unions Strike 2026: देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए आने वाले महीने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमुख संगठनों के साझा मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियनों ने पांच-दिन के कार्य सप्ताह सहित कई मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।
अगर प्रस्तावित हड़ताल तय कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो सितंबर और अक्टूबर 2026 में बैंक शाखाओं का सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी सेवाओं पर असर अलग-अलग बैंकों और परिस्थितियों के आधार पर अलग हो सकता है।
क्यों हड़ताल पर जा रहे हैं बैंक कर्मचारी?
UFBU के अनुसार, बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन काम लागू करना शामिल है। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से शनिवार को भी बैंक बंद रखने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान व्यवस्था में बैंक आम तौर पर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि बाकी शनिवार को बैंक शाखाएं खुलती हैं। पांच-दिन के कार्य सप्ताह की मांग पूरी होने पर शनिवार और रविवार दोनों दिन नियमित साप्ताहिक अवकाश हो सकता है।
यूनियनों ने इसके अलावा सरकार की बदली हुई परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) व्यवस्था को वापस लेने की मांग भी उठाई है। बैंक यूनियनों का आरोप है कि इन मुद्दों पर सरकार का रुख सकारात्मक नहीं रहा है, जिसके विरोध में आंदोलन का फैसला किया गया है।
11 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल

UFBU ने सबसे पहले 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। यह तारीख शुक्रवार को पड़ रही है। ऐसे में यदि हड़ताल के साथ सप्ताहांत की छुट्टियां जुड़ती हैं, तो कुछ ग्राहकों को बैंक शाखाओं से जुड़ी सेवाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, बैंकिंग सेवाओं की वास्तविक उपलब्धता संबंधित बैंक, स्थानीय व्यवस्था और कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगी।
इसके बाद बैंक यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिन की लगातार देशव्यापी हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है। यह अवधि बैंकिंग क्षेत्र के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा सकती है, क्योंकि सितंबर के अंत में कई बैंकों में छमाही वित्तीय अवधि के समापन से जुड़ा काम होता है। ऐसे समय में शाखाओं के सामान्य संचालन में व्यवधान से लेनदेन, दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य बैंकिंग कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ग्राहकों को इस अवधि के आसपास बैंक शाखा में होने वाले जरूरी काम पहले से निपटाने की योजना बनानी पड़ सकती है।
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
UFBU ने आंदोलन का सबसे कड़ा चरण भी घोषित किया है। यूनियनों के मुताबिक, यदि उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकलता है तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल शुरू की जा सकती है। इसका मतलब है कि बैंक कर्मचारी तब तक काम पर वापस नहीं लौटेंगे, जब तक संबंधित मुद्दों पर कोई समझौता या समाधान नहीं निकलता। हालांकि, अंतिम प्रभाव बातचीत और आगे होने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा।
आम बैंक ग्राहकों पर क्या पड़ सकता है असर?
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, ड्राफ्ट, दस्तावेज जमा करने और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने पर शाखाओं में कामकाज धीमा भी हो सकता है। दूसरी ओर, UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और कुछ डिजिटल भुगतान सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं, क्योंकि इनमें से कई सेवाएं ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से संचालित होती हैं। फिर भी किसी विशेष सेवा की उपलब्धता संबंधित बैंक की तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर करेगी।










