बांका के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल मंदार पर्वत पर युवती के साथ कथित बदसलूकी, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने घटना में शामिल तीन मुख्य आरोपितों की पहचान कर ली है। पुलिस के मुताबिक अब्दुल्ला, नीतीश कुमार राय और विकास कुमार की पहचान वीडियो फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर हुई है। तीनों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया है और गुरुवार रात संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस के अनुसार, मामला करीब तीन महीने पुरानी घटना से जुड़ा है। 3 जून 2026 को युवती अपने दो दोस्तों के साथ मंदार पर्वत घूमने पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ युवकों ने उसे सुनसान स्थान पर घेर लिया। वायरल वीडियो में युवती के साथ अभद्र व्यवहार करते कुछ युवक दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद घटनास्थल का भौतिक सत्यापन कराया और यह पुष्टि की कि वीडियो मंदार पर्वत क्षेत्र का ही है।
यह वीडियो 22 सितंबर को व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए पुलिस के संज्ञान में आया था। वीडियो सामने आने के बाद बौंसी थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मंदार पर्वत पहुंचकर वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान का सत्यापन किया और फुटेज में नजर आ रहे लोगों की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू की। इसी प्रक्रिया के बाद तीन मुख्य आरोपितों की पहचान होने की बात पुलिस की ओर से कही गई है।
पुलिस जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि युवती और उसके दोस्तों को घेरने के बाद आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज और धमकी दी। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दिखाई दे रहे अब्दुल्ला, नीतीश कुमार राय और विकास कुमार ने युवती का हाथ पकड़कर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। युवती और उसके दोस्तों की ओर से विरोध किए जाने पर उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया गया। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
मामले में पैसे की वसूली का आरोप भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान अब्दुल्ला ने युवती के दोस्त को कथित तौर पर धमकाकर अपने बैंक खाते में ऑनलाइन 1500 रुपये ट्रांसफर करवाए। पुलिस ने जांच के दौरान ऑनलाइन बैंकिंग लेनदेन को भी मामले की एक अहम कड़ी माना है। राशि खाते में पहुंचने की पुष्टि के बाद ही युवती और उसके साथियों को वहां से जाने देने की बात पुलिस रिपोर्ट में कही गई है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने वायरल फुटेज को सिर्फ सोशल मीडिया सामग्री के तौर पर नहीं देखा, बल्कि उसके आधार पर घटनास्थल और संबंधित लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की। वीडियो में दिखाई देने वाले स्थान का भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद फुटेज में मौजूद चेहरों और अन्य तकनीकी सुरागों को आधार बनाकर संदिग्धों की पहचान की गई। बैंक खाते में हुए ऑनलाइन ट्रांसफर की जानकारी भी जांच में उपयोगी साबित हुई।
मामले में शुरुआती तौर पर छह से सात अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बाद की पुलिस जांच में तीन मुख्य आरोपितों की पहचान हुई है। इसका अर्थ यह नहीं है कि मामले में केवल तीन लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है; पुलिस अन्य लोगों की भूमिका और वीडियो में दिखाई देने वाले बाकी व्यक्तियों के संबंध में भी जांच कर सकती है।
बौंसी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इंद्रजीत बैठा के अनुसार, तीनों आरोपितों की पहचान पुख्ता कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि गिरफ्तारी और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता।
इस मामले में पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती घटना के लगभग तीन महीने बाद सामने आए वीडियो से आरोपितों तक पहुंचना रही। घटना जून की है, जबकि वीडियो सितंबर में पुलिस के संज्ञान में आया। ऐसे में वीडियो की सत्यता, स्थान और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की पुष्टि करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। पुलिस ने वीडियो के आधार पर घटनास्थल का सत्यापन करने के बाद तकनीकी जांच आगे बढ़ाई।
मंदार पर्वत बांका जिले का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में लोग घूमने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे पर्यटन स्थलों पर महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की शिकायत सामने आने पर पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। इस घटना के बाद पुलिस ने मंदार पर्वत क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही है।
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर काफी चर्चा हुई। पुलिस ने वीडियो के आधार पर कार्रवाई शुरू की, लेकिन ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। किसी व्यक्ति की पहचान या उसके खिलाफ आरोप को केवल वायरल वीडियो के आधार पर अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस जांच, डिजिटल साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस की कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। वीडियो फुटेज के अलावा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जानकारी ने पुलिस को संदिग्धों तक पहुंचने में मदद की। जांच में बैंक खाते से जुड़े विवरण, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना के बाद उनके बीच किस तरह संपर्क हुआ।
मंदार पर्वत जैसे पर्यटन स्थल पर इस तरह की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां कुछ हिस्से अपेक्षाकृत सुनसान रहते हैं, वहां नियमित पुलिस गश्त और निगरानी जरूरी होती है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही है। आगे स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से वहां निगरानी बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता तीनों चिन्हित आरोपितों की गिरफ्तारी है। गुरुवार रात संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई और टीम को आरोपितों के करीब पहुंचने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने की पूरी प्रक्रिया और वायरल वीडियो से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी मिल सकती है।
इस मामले में यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि घटना का वीडियो पुराना है और सितंबर में वायरल होने के बाद पुलिस तक पहुंचा। इसलिए सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने और पुलिस कार्रवाई के बीच के समय को लेकर लोगों में भ्रम न हो, इसके लिए पुलिस की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना 3 जून की है और वीडियो 22 सितंबर को पुलिस के संज्ञान में आया था।
बांका पुलिस की इस कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि वायरल वीडियो के आधार पर सामने आने वाली गंभीर शिकायतों की तकनीकी जांच कर आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों से ही तय होगी। फिलहाल अब्दुल्ला, नीतीश कुमार राय और विकास कुमार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और पुलिस ने जल्द कार्रवाई का दावा किया है।










