बायर्न म्यूनिख ने चैंपियंस लीग अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए बोडो/ग्लिम्ट को हराया। हैरी केन ने 55वां चैंपियंस लीग गोल किया, जबकि माइकल ओलिसे ने दो गोल दागे। जमाल मुसियाला और अल्फोंसो डेविस ने भी जीत में योगदान दिया।
UEFA Champions League: बायर्न म्यूनिख ने यूईएफए चैंपियंस लीग के नए अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की। जर्मन क्लब ने नॉर्वे की टीम बोडो/ग्लिम्ट को आसानी से हराया। मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने अपना 55वां चैंपियंस लीग गोल किया, जबकि माइकल ओलिसे ने दो गोल दागे। जमाल मुसियाला और अल्फोंसो डेविस ने भी बायर्न की जीत में योगदान दिया। विन्सेंट कोम्पनी की टीम पिछले सीजन के प्रदर्शन में सुधार करने के इरादे से इस अभियान में उतरी है। पिछले सत्र में बायर्न म्यूनिख चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल तक पहुंचा था। बोडो/ग्लिम्ट के खिलाफ जीत ने टीम को लीग चरण में सकारात्मक शुरुआत दी।
दूसरे हाफ में बायर्न ने बदला मुकाबले का रुख
बोडो/ग्लिम्ट ने पहले हाफ में बायर्न म्यूनिख को कड़ी चुनौती दी। नॉर्वे की टीम ने मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन किया और जर्मन क्लब को आसानी से मौके नहीं दिए। हालांकि, दूसरे हाफ में तस्वीर पूरी तरह बदल गई और बायर्न ने लगातार दबाव बनाते हुए मुकाबले पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
सीजन में पहली बार शुरुआती एकादश में शामिल किए गए जमाल मुसियाला ने दूसरे हाफ की शुरुआत में बायर्न को बढ़त दिलाई। हैरी केन के शॉट पर डिफ्लेक्शन हुआ और गेंद मुसियाला के पास अनुकूल तरीके से पहुंची। उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए गोल कर दिया।
यह गोल बायर्न म्यूनिख के लिए ऐतिहासिक भी रहा। मुसियाला के इस गोल के साथ क्लब ने यूरोप की शीर्ष क्लब प्रतियोगिता में अपने 900 गोल पूरे कर लिए। इस उपलब्धि तक पहुंचने वाला बायर्न म्यूनिख दूसरा क्लब है। उससे अधिक गोल केवल रियल मैड्रिड ने किए हैं।
हैरी केन ने चैंपियंस लीग में 55 गोल पूरे किए
मुसियाला के गोल के बाद हैरी केन ने अपना नाम स्कोरशीट पर दर्ज कराया। उन्होंने फ्री-किक पर मिले मौके को हेडर के जरिए गोल में बदल दिया। इसके साथ ही चैंपियंस लीग में उनके गोलों की संख्या 55 हो गई।
केन ने यह उपलब्धि 71 चैंपियंस लीग मुकाबलों में हासिल की है। वह प्रतियोगिता में 55 गोल तक पहुंचने वाले सबसे तेज खिलाड़ियों में तीसरे स्थान पर हैं। उनसे कम मैचों में यह आंकड़ा केवल एर्लिंग हालैंड और रूड वान निस्टेलरॉय ने हासिल किया था।
हालैंड ने 49 मैचों में 55 गोल पूरे किए थे, जबकि वान निस्टेलरॉय ने 70 मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल की थी। केन ने 71 मैचों में 55 गोल पूरे किए।
बायर्न म्यूनिख के लिए यूरोपीय प्रतियोगिताओं में भी केन का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। उन्होंने क्लब के लिए 39 यूरोपीय मैचों में 34 गोल किए हैं। बोडो/ग्लिम्ट के खिलाफ उनका गोल टीम के लिए निर्णायक बढ़त साबित हुआ और व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।
बोडो/ग्लिम्ट ने शानदार लॉब से चौंकाने की कोशिश की
बायर्न के लगातार दबाव के बावजूद बोडो/ग्लिम्ट ने दूसरे हाफ में एक ऐसा मौका बनाया, जो गोल में बदल जाता तो मुकाबले का सबसे शानदार क्षण बन सकता था।
दूसरे हाफ के मध्य में एंड्रियास हेल्मर्सेन ने देखा कि बायर्न के गोलकीपर मैनुएल नॉयर अपनी गोललाइन से बाहर थे। उन्होंने हाफवे लाइन के करीब से सीधे लॉब शॉट खेलने का प्रयास किया।
हेल्मर्सेन का प्रयास बेहद महत्वाकांक्षी था, लेकिन गेंद गोल के अंदर जाने के बजाय नेट के ऊपर जा गिरी। इस मौके ने बोडो/ग्लिम्ट के लिए वापसी की थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई, लेकिन टीम बायर्न पर लंबे समय तक दबाव नहीं बना सकी।

अल्फोंसो डेविस ने शानदार अंदाज में किया गोल
बायर्न म्यूनिख ने इसके बाद अपनी बढ़त को और मजबूत किया। अल्फोंसो डेविस ने बॉक्स के किनारे से जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचाया।
उनका यह गोल बायर्न के दबदबे को दर्शाता था। बोडो/ग्लिम्ट के खिलाड़ियों के लिए लगातार हमलों का सामना करना मुश्किल होता गया और बायर्न ने मुकाबले पर अपनी पकड़ पूरी तरह मजबूत कर ली।
इसके बाद माइकल ओलिसे ने भी स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने बेहद सधे हुए फिनिश के साथ गेंद को गोल के ऊपरी कोने में पहुंचाया। इस गोल ने बायर्न की बढ़त को और मजबूत कर दिया और मुकाबले का रुख पूरी तरह जर्मन क्लब के पक्ष में कर दिया।
ओलिसे ने स्टॉपेज टाइम में दूसरा गोल किया
बोडो/ग्लिम्ट के लिए मुश्किल रात का अंत और भी खराब तरीके से हुआ। मुकाबले के अंतिम मिनटों में टीम के ओडिन ब्योर्टुफ्ट को माइकल ओलिसे पर किए गए फाउल के लिए लाल कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया।
इसके बाद स्टॉपेज टाइम में ओलिसे ने अपना दूसरा गोल कर दिया। इस तरह उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दो गोल पूरे किए और बायर्न की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई।
ओलिसे के दूसरे गोल के साथ मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया। बोडो/ग्लिम्ट ने पहले हाफ में जिस तरह बायर्न को चुनौती दी थी, वह दूसरे हाफ में कायम नहीं रह सकी।
चैंपियंस लीग अभियान के लिए मजबूत संदेश
बायर्न म्यूनिख की यह जीत टीम के लिए केवल तीन अंकों से अधिक महत्वपूर्ण है। पिछले सीजन में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीम इस बार उससे आगे जाने की कोशिश करेगी। लीग चरण की शुरुआत में बोडो/ग्लिम्ट के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन ने कोम्पनी की टीम को आत्मविश्वास दिया है।
मुसियाला का ऐतिहासिक 900वां क्लब गोल, केन का 55वां चैंपियंस लीग गोल और ओलिसे के दो गोल मुकाबले की प्रमुख उपलब्धियां रहीं। डेविस के शानदार फिनिश ने भी टीम की जीत को और प्रभावशाली बनाया।
हैरी केन के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिहाज से भी खास रहा। 71 मैचों में 55 चैंपियंस लीग गोल तक पहुंचकर उन्होंने प्रतियोगिता के इतिहास में अपनी जगह और मजबूत की है। बायर्न के लिए उनके यूरोपीय गोलों की संख्या भी 39 मैचों में 34 हो गई है।
बोडो/ग्लिम्ट के खिलाफ जीत के साथ बायर्न म्यूनिख ने अपने चैंपियंस लीग अभियान की मजबूत शुरुआत की। पहले हाफ की चुनौती से उबरने के बाद टीम ने दूसरे हाफ में अपनी गुणवत्ता, आक्रामक क्षमता और अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया। अब टीम की नजर इस अभियान में पिछले सीजन के सेमीफाइनल से आगे बढ़ने पर होगी।












