यूपी में 11 IAS-PCS के तबादले, बहराइच-जालौन के DM बदले: IT विभाग के विशेष सचिव समीर को जालौन की कमान

यूपी में 5 IAS और 6 PCS अफसरों के तबादले हुए। राजेश पांडेय बहराइच DM, समीर जालौन DM और पंकज वर्मा बाराबंकी CDO बनाए गए।
यूपी में 11 IAS-PCS के तबादले, बहराइच-जालौन के DM बदले: IT विभाग के विशेष सचिव समीर को जालौन की कमान
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उत्तर प्रदेश में गुरुवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। राज्य सरकार ने पांच IAS और छह PCS अधिकारियों का तबादला कर दिया। कुल 11 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में सबसे अहम बदलाव बहराइच और जालौन जिलों के जिलाधिकारियों को लेकर हुआ है। जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को अब बहराइच का नया जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव और यूपी डेस्को के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत समीर को जालौन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार के इस आदेश के बाद दोनों जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व बदल गया है। राजेश कुमार पांडेय ने सितंबर 2023 में जालौन के जिलाधिकारी का पद संभाला था और उनका करीब तीन साल का कार्यकाल पूरा होने से महज दो दिन पहले तबादला किया गया। उन्हें अब बहराइच का डीएम बनाया गया है। वहीं समीर, जो आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विशेष सचिव के साथ यूपी डेस्को के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब सीधे जिला प्रशासन की कमान संभालेंगे।

राजेश कुमार पांडेय के जालौन कार्यकाल की चर्चा खास तौर पर जल संरक्षण से जुड़े कामों को लेकर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनके कार्यकाल में करीब 81 किलोमीटर लंबी सूख चुकी नून नदी के पुनर्जीवन का अभियान चलाया गया। ड्रोन सर्वे, नदी की सफाई, चौड़ीकरण और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी कराई गई। इस पहल से 47 गांवों के 17,706 किसानों को लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है। जल संरक्षण के प्रयासों के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला था।

अब बहराइच में नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने अलग तरह की प्रशासनिक प्राथमिकताएं होंगी। बहराइच देविपाटन मंडल का महत्वपूर्ण जिला है और नेपाल सीमा से जुड़े होने के कारण यहां प्रशासनिक, राजस्व, कानून-व्यवस्था और सीमा क्षेत्र से जुड़े विषयों की भी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में नए जिलाधिकारी के सामने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने के साथ विकास योजनाओं की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।

दूसरी ओर जालौन में समीर के सामने जिला प्रशासन की नई जिम्मेदारी होगी। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव के रूप में काम करने के बाद अब उनकी भूमिका सीधे जिला स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक वह 4 मई 2026 से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विशेष सचिव और यूपी डेस्को के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत थे।

तबादले में झांसी नगर निगम की नगर आयुक्त आकांक्षा राना को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। साथ ही यूपी डेस्को के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है। इस बदलाव के बाद आईटी विभाग से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी जिम्मेदारियों में भी नया नेतृत्व देखने को मिलेगा।

बाराबंकी में भी प्रशासनिक नेतृत्व बदला गया है। वहां मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात बी. सूदन को झांसी नगर निगम का नया नगर आयुक्त बनाया गया है। उनकी जगह मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में सचिव के पद पर तैनात पंकज वर्मा को बाराबंकी का नया मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है।

पंकज वर्मा के लिए बाराबंकी में CDO की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होगी। मुख्य विकास अधिकारी जिला स्तर पर ग्रामीण विकास और विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी में प्रमुख भूमिका निभाता है। विकास भवन से संचालित होने वाले कई विभागों के बीच समन्वय, योजनाओं की प्रगति, ब्लॉक स्तर पर काम की समीक्षा और शासन की प्राथमिकताओं को जमीन पर लागू कराने में CDO की भूमिका रहती है।

इसके अलावा छह PCS अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। भारतखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलसचिव और संस्कृति निदेशालय के अपर निदेशक रहे सुशील प्रताप सिंह को लखनऊ विकास प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है। वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण के संयुक्त सचिव अतुल कुमार को भारतखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का कुलसचिव और संस्कृति निदेशालय का अपर निदेशक बनाया गया है।

बदायूं के SDM रहे राजेश कुमार सिंह को कानपुर नगर का अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) बनाया गया है। गोंडा के अपर जिलाधिकारी रहे संजय कुमार सिंह को युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल में उप निदेशक (प्रशासन) की जिम्मेदारी दी गई है। झांसी के नगर मजिस्ट्रेट रहे प्रमोद झा को गोंडा का अपर जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं कुशीनगर के SDM रहे योगेश्वर सिंह को झांसी का नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

इस तरह एक ही आदेश में सरकार ने जिला प्रशासन, नगर निकाय, विकास प्राधिकरण, आईटी विभाग और विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं। पांच IAS अधिकारियों के तबादले के साथ छह PCS अधिकारियों की नई तैनाती से कई जिलों और विभागों में प्रशासनिक समीकरण बदलेंगे।

यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी तेज हो रही हैं। चुनाव आयोग की ओर से प्रदेश के जिलों में EVM की प्रथम स्तरीय जांच यानी FLC की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में 21 जिलों में FLC के बाद बाकी 54 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी इसकी प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की ट्रेनिंग दी जा रही है।

हालांकि अधिकारियों के तबादले को किसी एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा। उत्तर प्रदेश में IAS और PCS अधिकारियों की तैनाती और स्थानांतरण शासन की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। विभाग और जिले की जरूरत, प्रशासनिक अनुभव, पद की उपलब्धता और शासन की प्राथमिकताओं के आधार पर अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाती हैं।

इस तबादला सूची में खास बात यह है कि एक ओर जालौन के डीएम को बहराइच भेजा गया है, तो दूसरी ओर राज्य मुख्यालय के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी को सीधे जिलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह विकास प्राधिकरण में सचिव रहे पंकज वर्मा को बाराबंकी जैसे महत्वपूर्ण जिले में विकास कार्यों की निगरानी का दायित्व मिला है।

प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब संबंधित अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने के साथ नई जिम्मेदारियों का औपचारिक संचालन शुरू होगा। बहराइच, जालौन, बाराबंकी और झांसी समेत जिन जिलों और विभागों में बदलाव हुआ है, वहां अधिकारियों के सामने मौजूदा योजनाओं की समीक्षा और लंबित कार्यों को गति देने की चुनौती रहेगी। खास तौर पर जिला स्तर पर नई टीम के साथ समन्वय बनाना और शासन की प्राथमिकताओं को समयबद्ध तरीके से लागू करना नए अधिकारियों की शुरुआती प्राथमिकताओं में शामिल रह सकता है

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