बेगूसराय स्कूल में दर्दनाक हादसा: 300 किलो की लोहे की ग्रिल गिरने से छात्र की मौत, शव छोड़कर भागे शिक्षक

बेगूसराय के स्कूल में 300 किलो की लोहे की ग्रिल गिरने से छात्र की मौत हो गई। आरोप है कि शिक्षक शव को क्लासरूम में छोड़कर भाग गए।
बेगूसराय स्कूल में दर्दनाक हादसा: 300 किलो की लोहे की ग्रिल गिरने से छात्र की मौत, शव छोड़कर भागे शिक्षक
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बेगूसराय में एक सरकारी स्कूल के अंदर दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। स्कूल परिसर में लगी करीब 300 किलो वजनी लोहे की ग्रिल अचानक एक छात्र के ऊपर गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।

हादसे को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना के बाद कई शिक्षक स्कूल से भाग गए। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्र के शव को क्लासरूम में बंद कर दिया गया और करीब 20 शिक्षक वहां से निकल गए। वहीं हेडमास्टर पर आरोप है कि वह अपने ऑफिस में बैठकर लंच करते रहे और घटना को गंभीरता से नहीं लिया।

घटना की खबर फैलते ही स्कूल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।

बताया जा रहा है कि छात्र स्कूल परिसर में मौजूद था, तभी अचानक भारी लोहे की ग्रिल गिर गई। आसपास मौजूद बच्चों में चीख-पुकार मच गई। कई बच्चे डर के कारण रोने लगे।

बेगूसराय के स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल भवन काफी समय से जर्जर हालत में था। कई बार स्कूल की खराब स्थिति को लेकर शिकायतें भी की गई थीं, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद स्कूल में मौजूद शिक्षक घबरा गए। आरोप है कि कुछ शिक्षकों ने मामले से बचने के लिए क्लासरूम बंद कर दिया और स्कूल छोड़कर चले गए।

छात्र के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर मदद मिलती तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि इतनी भारी ग्रिल स्कूल में असुरक्षित तरीके से कैसे लगी हुई थी। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन पूरी तरह लापरवाह था।

बिहार में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। कई स्कूलों में भवन जर्जर हैं, लेकिन समय पर मरम्मत और सुरक्षा जांच नहीं हो पाती।

घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने दोषी शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन भी किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। स्कूल स्टाफ से पूछताछ की जाएगी और यदि लापरवाही साबित हुई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने भी घटना पर रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों ने कहा कि स्कूल भवन की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर जांच की जाएगी।

सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। लोग घटना को बेहद दुखद बताते हुए शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट नियमित रूप से होना चाहिए। जर्जर भवन, भारी संरचनाएं और खराब रखरखाव बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

फिलहाल बेगूसराय में इस घटना के बाद मातम और गुस्से का माहौल है। प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है, लेकिन मृतक छात्र के परिवार और स्थानीय लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 
 

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