भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूत होंगे: प्रियंका चतुर्वेदी ने तारिक रहमान को दी जीत की शुभकामनाएं

कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई दी और कहा कि यह भारत-बांग्लादेश के संबंधों को और मजबूत करेगा। जानिए उनके संदेश की खास

दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने हाल ही में बांग्लादेश के चुनावी घटनाक्रम और भारत की संसद के हालिया सत्र पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बांग्लादेश में नई जिम्मेदारी संभालने वाले नेता तारिक रहमान को बधाई दी।

मुंबई: दिल्ली में प्रियंका चतुर्वेदी, जो कि शिवसेना (यूबीटी) की सांसद हैं, ने बांग्लादेश के चुनावी घटनाक्रम और भारत की संसद के हालिया सत्र पर खुलकर अपनी राय दी। उन्होंने बांग्लादेश में नई जिम्मेदारी संभालने वाले नेता को बधाई दी और संसद सत्र को लेकर गंभीर सवाल उठाए। बांग्लादेश के चुनावों पर उन्होंने कहा कि वे तारिक रहमान को बधाई देती हैं और उम्मीद जताई कि जिस बड़ी जिम्मेदारी को उन्होंने संभाला है और जिस दौरान अर्थव्यवस्था प्रभावित रही, उसमें वे लोकतंत्र को बहाल करेंगे। 

प्रियंका ने यह भी कहा कि इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूती मिलेगी और इस क्षेत्र में नकारात्मक प्रभावों, खासकर पाकिस्तान से दूरी बनाए रखने में मदद होगी।

प्रियंका चतुर्वेदी ने दी तारिक रहमान को बधाई

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “मैं तारिक रहमान को बधाई देती हूं। मुझे उम्मीद है कि उन्हें जो बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे निभाते हुए वे लोकतंत्र को मजबूत करेंगे और भारत-बांग्लादेश संबंधों को फिर से गति देंगे। इस क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण बनेगा और दोनों देशों के पुराने और मजबूत संबंधों को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, वे पाकिस्तान जैसी नकारात्मक शक्तियों से दूरी बनाए रखेंगे।”

उनके इस बयान को भारत-बांग्लादेश संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

संसद सत्र पर गंभीर टिप्पणी

प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद सत्र के दौरान हुई घटनाओं पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जिस तरह से नियमों का उल्लंघन किया गया और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास हुआ, वह इतिहास के पन्नों में दागदार अक्षरों में लिखा जाएगा। विपक्ष के नेता (एलओपी) की आवाज दबाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।”

सांसद ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं और महिला सांसदों पर लगाए गए आरोप, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होना, और पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ की गई भाषा अत्यंत अफसोसजनक रही। एक सांसद द्वारा खड़े होकर घृणित आरोप लगाना पूरी प्रक्रिया के लिए शर्मनाक रहा। इसके अलावा, पूर्व सेना प्रमुख द्वारा लिखी गई किताब के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना और उसे आपराधिक कृत्य बताना भी दुर्भाग्यपूर्ण रहा। मीडिया की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में कम नहीं रही।”

आगामी सत्र में खुली चर्चा की आवश्यकता

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “आगामी संसद सत्र में सरकार को इन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। बजट से जुड़े कई अहम बिंदुओं की घोषणा हुई है, लेकिन पिछले साल के बजट पर स्थायी समिति की समीक्षा और आवंटित धनराशि के उपयोग पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। लोकतंत्र की मजबूती और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह बेहद जरूरी है।”

प्रियंका चतुर्वेदी का मानना है कि लोकतंत्र की बहाली और मजबूत भारत-बांग्लादेश संबंध दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश में स्थिरता आने से द्विपक्षीय व्यापार, सांस्कृतिक सहयोग और क्षेत्रीय शांति को बल मिलेगा।

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