भारत और इथियोपिया के ऐतिहासिक संबंधों ने मंगलवार को नई ऊंचाई छू ली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली के बीच व्यापक वार्ता के बाद दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया।
India-Ethiopia Strategic Partnership: भारत और इथियोपिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों ने एक नई ऐतिहासिक ऊंचाई हासिल कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने पारंपरिक और ऐतिहासिक रिश्तों को औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) में बदलने की घोषणा की। यह निर्णय भारत-अफ्रीका संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह इथियोपिया की पहली द्विपक्षीय आधिकारिक यात्रा थी। राजधानी अदीस अबाबा स्थित राष्ट्रीय महल में उनका भव्य और औपचारिक स्वागत किया गया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का प्रतीक है। प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी भारत-इथियोपिया संबंधों में नई ऊर्जा, नई गति और नई गहराई लाएगी।
रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, व्यापार, तकनीक, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, क्षमता निर्माण और बहुपक्षीय सहयोग जैसे अहम विषयों पर व्यापक चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत को इथियोपिया के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली का आभार भी व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इथियोपिया के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि हजारों वर्षों पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और सभ्यतागत संपर्कों पर आधारित हैं। दोनों देश विविध भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साझा उदाहरण हैं।
आठ महत्वपूर्ण समझौते, सहयोग को नई दिशा

इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत और इथियोपिया के बीच कुल आठ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें शामिल हैं:
- द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में अपग्रेड करना
- सीमा शुल्क और व्यापार सहयोग
- इथियोपिया के विदेश मंत्रालय में डेटा सेंटर की स्थापना
- संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के लिए प्रशिक्षण सहयोग
- जी20 ढांचे के तहत ऋण पुनर्गठन में सहयोग
- आईसीसीआर छात्रवृत्तियों की संख्या में वृद्धि
- इथियोपियाई छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शॉर्ट-टर्म कोर्स
- मातृ और नवजात स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत इथियोपिया के छात्रों के लिए छात्रवृत्तियों की संख्या दोगुनी करेगा, जिससे शैक्षणिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
अफ्रीकी संघ और जी20 में भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि अफ्रीकी संघ का मुख्यालय इथियोपिया में स्थित होना उसे अफ्रीकी कूटनीति का केंद्र बनाता है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत की 2023 जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी20 का स्थायी सदस्य बनाया गया, जो ग्लोबल साउथ को वैश्विक निर्णय-प्रक्रिया में सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली ने कहा कि भारत उनके देश के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का सबसे बड़ा स्रोत है। वर्तमान में इथियोपिया में 615 से अधिक भारतीय कंपनियां सक्रिय हैं, जो विनिर्माण, फार्मा, कृषि, आईटी और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं। उन्होंने भारत के उस दृष्टिकोण की सराहना की जिसमें अफ्रीका की प्राथमिकताओं को साझेदारी का केंद्र माना गया है।












