वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में सबसे ज्यादा कॉरपोरेट टैक्स रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ₹25,707 करोड़ देकर चुकाया। इसके बाद TCS ₹15,898 करोड़ और वेदांता ₹12,826 करोड़ के साथ शीर्ष 3 में शामिल हैं।
Business: भारत में इनकम टैक्स के मामले में आम तौर पर लोगों का ध्यान सेलेब्रिटीज और उद्योगपतियों पर जाता है। अक्सर सुना जाता है कि किसी एक्टर या कारोबारी ने करोड़ों रुपये टैक्स दिया। लेकिन कॉरपोरेट टैक्स की लिस्ट में सबसे ऊपर कौन सी कंपनी है, यह जानना भी महत्वपूर्ण है। कॉरपोरेट टैक्स वह कर है जो कंपनियां अपनी कमाई पर सरकार को देती हैं।
भारत में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा समूह और अदाणी ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियां इस मामले में अग्रणी हैं। हालिया हुरुन इंडिया 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में सबसे ज्यादा कॉरपोरेट टैक्स देने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज रही।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने चुकाया सबसे ज्यादा टैक्स
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस कंपनी ने ₹25,707 करोड़ का कॉरपोरेट टैक्स दिया। यह आंकड़ा देश के कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में सबसे अधिक योगदान को दर्शाता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस काफी बड़ा और विविध है। इसमें ऑयल, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और टेलिकॉम बिजनेस शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी का इतना अधिक टैक्स देना इस बात का संकेत है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने साल 2023-24 में अच्छा मुनाफा कमाया। इसके अलावा, कंपनी की मजबूत मार्केट कैप और उच्च कारोबार भी टैक्स में इस बड़े योगदान का कारण हैं।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज दूसरे नंबर पर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरे नंबर पर टाटा समूह की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) रही। इसने वित्तीय वर्ष 2023-24 में ₹15,898 करोड़ का कॉरपोरेट टैक्स चुकाया। TCS भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी है और इसके वैश्विक ग्राहक इसे मुनाफे और टैक्स में बड़ी भूमिका देने के लिए जिम्मेदार हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आईटी कंपनियों का टैक्स योगदान बढ़ना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक है। इससे न केवल सरकार को राजस्व मिलता है, बल्कि यह निवेशकों को भी विश्वास देता है कि भारतीय कंपनियां मजबूत और स्थिर मुनाफा कमा रही हैं।
वेदांता लिमिटेड तीसरे नंबर पर
वेदांता लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनुमानित ₹12,826 करोड़ का कॉरपोरेट टैक्स अदा किया। यह कंपनी मुख्य रूप से मेटल्स और खनन उद्योग में काम करती है। वेदांता के व्यवसाय का यह बड़ा टैक्स योगदान भारत की खनन और बेसिक मेटल्स इंडस्ट्री की सक्रीयता को दिखाता है।
वेदांता लिमिटेड के अलावा एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस जैसी कंपनियां भी कॉरपोरेट टैक्स देने में अग्रणी रही हैं।
भारत में कॉरपोरेट टैक्स का महत्व
कॉरपोरेट टैक्स कंपनियों द्वारा सरकार को दी जाने वाली आमदनी है। इसे कंपनी की कमाई पर लगाया जाता है। इस टैक्स से सरकार कई सार्वजनिक योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सामाजिक कल्याण कार्यों के लिए धन जुटाती है। इसलिए कॉरपोरेट टैक्स की लिस्ट और कंपनियों की स्थिति जानना निवेशकों, विश्लेषकों और आम जनता के लिए अहम है।










