गुस्से से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा, नई रिसर्च में खुलासा

Johns Hopkins रिसर्च में पाया गया कि अचानक गुस्सा आने के दो घंटे में हार्ट अटैक का जोखिम पांच गुना बढ़ सकता है, योग और ध्यान मददगार हैं।

हाल ही में Johns Hopkins University की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि अचानक गुस्सा आने के दो घंटे के भीतर हार्ट अटैक का जोखिम लगभग 5 गुना बढ़ जाता है। अध्ययन में यह भी पता चला कि बार-बार गुस्सा आने वाले पुरुषों में हार्ट डिजीज का खतरा अधिक होता है, जबकि कम गुस्सा आने वालों में जोखिम अपेक्षाकृत कम रहता है। योग, ध्यान और स्ट्रेस मैनेजमेंट से खतरा घटाया जा सकता है।

गुस्सा और हार्ट अटैक का संबंध: अमेरिका के Johns Hopkins University में किए गए तीन दशक लंबे अध्ययन में पता चला है कि अचानक गुस्सा आने से अगले दो घंटे में हार्ट अटैक का खतरा लगभग पांच गुना बढ़ सकता है। अध्ययन में 1,300 पुरुषों को शामिल किया गया, जिनमें बार-बार गुस्सा आने वालों में हार्ट डिजीज और अटैक के मामले अधिक पाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि योग, ध्यान और भावनाओं पर नियंत्रण रखकर हार्ट अटैक का जोखिम कम किया जा सकता है।

गुस्सा और हार्ट अटैक का सीधा संबंध

हाल ही में हुई Johns Hopkins University की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि अचानक गुस्सा आने के बाद अगले दो घंटे में हार्ट अटैक का खतरा लगभग 5 गुना तक बढ़ सकता है। अध्ययन में पाया गया कि जिन पुरुषों को बार-बार गुस्सा आता था, उनमें हार्ट डिजीज का जोखिम उन पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक था, जिन्हें गुस्सा कम आता था। रिसर्च में यह भी संकेत मिला कि गुस्सा बिना किसी पहले से मौजूद हार्ट समस्या के भी अटैक का कारण बन सकता है।

कैसे गुस्सा प्रभावित करता है दिल की सेहत

रिसर्च के अनुसार, गुस्से के दौरान शरीर में कैटेकोलामाइंस नामक स्ट्रेस हार्मोन तेजी से बढ़ जाता है। यह हार्मोन बीपी को असामान्य रूप से बढ़ाता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। डॉ. इलान विटस्टीन का कहना है कि अचानक गुस्सा ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का कारण बन सकता है, जिससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। यह जोखिम पुरुषों में अधिक देखा गया है।

रिसर्च की प्रक्रिया और निष्कर्ष

Johns Hopkins Medicine ने 1,300 से ज्यादा पुरुषों का तीन दशकों तक अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि जिन पुरुषों को गुस्सा ज्यादा आता था, उनमें हार्ट अटैक और कार्डियक समस्याओं के मामले बढ़े। वहीं, कम गुस्सा आने वाले लोगों में यह खतरा अपेक्षाकृत कम रहा। रिसर्च से यह साबित हुआ कि गुस्सा भी हाई कोलेस्ट्रॉल और हार्ट डिजीज की तरह एक बड़ा हार्ट अटैक जोखिम कारक है।

बचाव के उपाय

गुस्से से होने वाले हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने के लिए विशेषज्ञ योग और ध्यान की सलाह देते हैं। इसके अलावा अचानक प्रतिक्रिया देने से बचें और जरूरत पड़ने पर कार्डियोलॉजिस्ट या विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।

Leave a comment