भारत पर बांग्लादेश की निगाह, शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर कार्रवाई की उम्मीद

भारत पर बांग्लादेश की निगाह, शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर कार्रवाई की उम्मीद

बांग्लादेश ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर जल्द जवाब की उम्मीद जताई है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और हसीना को दोषी ठहराए जाने के बाद भारत से प्रत्यर्पण अनुरोध पर सक्रिय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा जारी है।

Dhaka: बांग्लादेश ने बुधवार को कहा कि भारत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के उसके पिछले अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को उम्मीद है कि भारत इस बार प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार करेगा। अधिकारियों के अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और शेख हसीना को दोषी ठहराए जाने के बाद भारत से जल्द जवाब मिलने की संभावना है।

अंतरिम सरकार ने भेजा नया प्रत्यर्पण अनुरोध

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश अंतरिम सरकार ने पिछले सप्ताह भारत को एक आधिकारिक पत्र भेजकर हसीना (78) के प्रत्यर्पण की मांग की थी। विशेष न्यायाधिकरण ने 17 नवंबर को हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने औपचारिक रूप से नयी दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के माध्यम से प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा। विदेश मामलों के सलाहकार एम तौहीद हुसैन ने कहा कि सरकार भारत से जवाब की प्रतीक्षा कर रही है और आशान्वित है कि जल्द ही उत्तर मिलेगा।

हुसैन ने कहा कि पहले बांग्लादेश ने भारत से हसीना को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया था, लेकिन उसे कोई उत्तर नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थिति अलग है क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और हसीना को दोषी ठहराया गया है।

भारत का रुख 

भारत ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वह हसीना के प्रत्यर्पण के बांग्लादेश के अनुरोध पर गौर कर रहा है। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले पर न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचार किया जा रहा है। भारत का उद्देश्य बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करना है। जायसवाल ने कहा कि भारत इस मामले में सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक रूप से संवाद जारी रखेगा और शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता के हितों को प्राथमिकता देगा।

पजल भी मिली थी सजा

विशेष न्यायाधिकरण ने शेख हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी सजा सुनाई है। दोनों पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया गया। माना जा रहा है कि शेख हसीना और कमाल दोनों भारत में हैं। न्यायाधिकरण ने तीसरे आरोपी, पूर्व पुलिस अधिकारी चौधरी अब्दुल्ला अल मामून को पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई, क्योंकि वह सरकारी गवाह के रूप में पेश हुए थे।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने विधि सलाहकार आसिफ नजरूल के माध्यम से यह भी बताया कि भगोड़े दोषियों को वापस लाने के लिए हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) का रुख करने पर भी विचार किया जा रहा है।

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