प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद का स्वागत किया। दौरे में द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। यह यात्रा मिडिल ईस्ट में भारत की भूमिका मजबूत करने के लिए अहम है।
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत किया। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और भारत के लिए इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच यह दौरा द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने और आपसी समझ बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है।
शेख मोहम्मद बिन जायद का यह भारत दौरा राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी तीसरी यात्रा है। इससे पहले वह 2019 में भारत आए थे। इस बार का दौरा छोटा वर्किंग विजिट है, लेकिन इसके महत्व को कम नहीं आंकना चाहिए। विशेषज्ञ मानते हैं कि मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति में यह यात्रा भारत और UAE दोनों के लिए अहम है।
दौरे का उद्देश्य
UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और UAE के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ाना है। उनके ऑफिस ने कहा कि पीएम मोदी के साथ कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होगी। इस दौरे में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय शामिल होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भले ही छोटा है, लेकिन यह प्रोडक्टिव होगा क्योंकि दोनों देशों के बीच मजबूत आपसी विश्वास और सहयोग की परंपरा रही है। भारत और UAE के बीच पहले से ही ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक क्षेत्र में साझेदारी है, जिसे और व्यापक बनाने की कोशिश की जाएगी।
मिडिल ईस्ट पर बना संकट
इस दौरे का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मिडिल ईस्ट में ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ता तनाव भारत के लिए चिंता का विषय है। UAE के राष्ट्रपति का दौरा इस क्षेत्र में भारत की भूमिका को मजबूत करने और दो देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का संकेत देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के लिए UAE की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता अहम है। ऊर्जा सुरक्षा, तेल और गैस आपूर्ति, और व्यापारिक हितों के दृष्टिकोण से यह दौरा विशेष महत्व रखता है। इसके अलावा, यह यात्रा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर भारत की सक्रिय भूमिका को भी दर्शाती है।
द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम
भारत और UAE के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। व्यापार और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच 75 अरब डॉलर से अधिक का लेनदेन होता है। इस दौरे के दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और विस्तार देने पर चर्चा करेंगे।
सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग भी इस चर्चा का अहम हिस्सा होगा। दोनों देश मिडिल ईस्ट और वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी रणनीति साझा करेंगे और क्षेत्रीय तनाव कम करने के उपायों पर विचार करेंगे।










