भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: निफ्टी 24,000 के नीचे, Accenture के कमजोर अनुमान से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी 24,000 के नीचे फिसल गया, जबकि Accenture के कमजोर अनुमान के बाद IT शेयरों में भारी बिकवाली हुई।

लगातार तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 19 जून को गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में NIFTY 50 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे खुला, जबकि BSE SENSEX में भी कमजोरी दर्ज की गई।

बिजनेस न्यूज़: लगातार तीन कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को एक बार फिर दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले, जबकि निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह वैश्विक संकेत, निवेशकों की मुनाफावसूली और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली रही।

विशेष रूप से, अमेरिका की प्रमुख आईटी सेवा कंपनी Accenture द्वारा वित्त वर्ष 2026 के लिए राजस्व वृद्धि अनुमान घटाने के बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। इसका असर पूरे तकनीकी क्षेत्र में देखने को मिला और निफ्टी आईटी इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक संकेतों का भारतीय बाजार पर असर

वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय इक्विटी बाजार पर भी पड़ा। निवेशकों ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और कॉर्पोरेट आय के संकेतों को देखते हुए सतर्क रुख अपनाया। विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में बाजार में आई तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली भी की, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा, वैश्विक टेक्नोलॉजी सेक्टर की सुस्ती ने भारतीय आईटी कंपनियों के प्रति निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

भारतीय आईटी शेयरों में गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिकी आईटी दिग्गज Accenture की ताजा कारोबारी टिप्पणी रही। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान में कटौती की और कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों, विशेषकर पश्चिम एशिया में कारोबारी चुनौतियों की ओर संकेत किया। इसके बाद अमेरिकी बाजार में Accenture के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी पड़ा। निवेशकों को चिंता है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी सेवाओं पर खर्च की रफ्तार उम्मीद से धीमी रह सकती है।

भारतीय आईटी कंपनियों का एक बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों, विशेषकर उत्तरी अमेरिका और यूरोप के बाजारों पर निर्भर करता है। ऐसे में वैश्विक मांग में किसी भी प्रकार की कमजोरी का असर इन कंपनियों के कारोबार पर पड़ सकता है।

भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: निफ्टी 24,000 के नीचे, Accenture के कमजोर अनुमान से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली

आईटी शेयरों में भारी बिकवाली

शुक्रवार के कारोबार में भारतीय आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में तेज गिरावट देखने को मिली और कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निवेशकों ने वैश्विक तकनीकी क्षेत्र से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए इस सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी कम करने का रुख अपनाया।

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी क्षेत्र की दीर्घकालिक विकास संभावनाएं अभी भी मजबूत हैं, लेकिन निकट अवधि में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां इस सेक्टर की दिशा तय कर सकती हैं।

किन शेयरों ने दिखाई मजबूती?

जहां आईटी सेक्टर दबाव में रहा, वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों के शेयरों ने बाजार को आंशिक सहारा दिया। ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और चुनिंदा उपभोक्ता क्षेत्रों से जुड़े शेयरों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। एनटीपीसी, अदाणी एंटरप्राइजेज, सन फार्मा, ट्रेंट और सिप्ला जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। यह दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल अपेक्षाकृत रक्षात्मक और स्थिर क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।

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