भीलवाड़ा मांडल थाना क्षेत्र के भगवानपुरा के पास तेज रफ्तार बस मोड़ पर पलट गई। 50-55 यात्री सवार थे। ग्रामीणों ने मदद कर कई यात्रियों की जान बचाई। पुलिस ने जेसीबी से बस सीधी कर जांच शुरू की।
Rajasthan: भीलवाड़ा करेड़ा मार्ग पर स्थित भगवानपुरा के पास एक प्राइवेट बस चालक ट्रैक्टर को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। तभी बस मोड़ के पास संतुलन खो बैठी और सड़क के किनारे पलट गई। इस समय बस में लगभग 50 से 55 यात्री सवार थे।
बस पलटते ही मौके पर हड़कंप मच गया। यात्री अपनी जान बचाने के लिए चीखने-चिल्लाने लगे। कई यात्री बस के नीचे दब गए और उन्हें बाहर निकालने की जल्दी शुरू हो गई।
ग्रामीणों ने मिलकर बचाई जान
हादसे के तुरंत बाद पास के 20-25 ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बस के शीशे तोड़कर घायल यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी ने मिलकर बस को हाथों से उठाया और नीचे दबे यात्रियों की मदद की। ग्रामीणों की इस तत्परता और बहादुरी की वजह से कई यात्री सुरक्षित रहे।
बस में सवार नारायणलाल ने बताया कि वह सरस डेयरी में काम करते हैं और कबरैड़ी से भीलवाड़ा जा रहे थे। उन्होंने कहा कि बस पूरी तरह भरी हुई थी और यात्री चालक से धीरे चलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन चालक ने उनकी बात नहीं मानी। बस ट्रैक्टर को ओवरटेक करते समय सड़क से उतर गई और पलट गई।
घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया
हादसे में करीब 24 यात्रियों को चोटें आईं। इनमें से तीन गंभीर रूप से घायल थे, जिन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। बाकी यात्रियों को भगवानपुरा और मांडल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से बस को सीधा किया। इसके बाद यातायात बहाल किया गया। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
हादसे का कारण
हादसे के अनुसार, बस चालक ट्रैक्टर को ओवरटेक करने की कोशिश में मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार और संतुलन बिगड़ने से बस पलट गई। हादसे ने स्पष्ट कर दिया कि सड़कों पर गति नियंत्रण और सावधानी कितनी जरूरी है। अक्सर सड़क दुर्घटनाओं में यात्री अपनी जान जोखिम में डालते हैं
खासकर जब बसें भरी हों और चालक तेज गति से वाहन चला रहा हो। इस घटना में ग्रामीणों की तत्परता और मदद ने यात्रियों की जान बचाई और बड़ा नुकसान टल गया। यह घटना सुरक्षा नियमों के पालन की अहमियत बताती है।
पुलिस जांच में जुटी
मांडल थाना पुलिस ने बस हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी चालक की तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति और मोड़ पर नियंत्रण खोने के कारणों का अध्ययन कर रहे हैं। साथ ही, बस में ओवरलोडिंग और यात्री सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों।












