उत्तर भारत में गर्मी के बीच मौसम में हल्की राहत देखने को मिली है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान में मामूली गिरावट और आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है, साथ ही तेज हवाओं और हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है।
Delhi: Weather Update 28 April के अनुसार दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच थोड़ी राहत दर्ज की गई है, हालांकि यह राहत अस्थायी रही। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक आज दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। तापमान 41–43 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जबकि तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे गर्मी से आंशिक राहत मिलने की संभावना है।
कई राज्यों में गर्मी के बीच थोड़ी राहत, लेकिन असर सीमित
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा समेत उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में सोमवार शाम तापमान में मामूली गिरावट के कारण कुछ राहत महसूस की गई। हालांकि यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और गर्म हवाओं के कारण रात के समय भी लोगों को उमस और गर्मी से पूरी तरह छुटकारा नहीं मिला।
मौसम में हल्के बदलाव के बावजूद दिन और रात दोनों समय गर्मी का प्रभाव बना रहा। तापमान में गिरावट सीमित रही, जिससे आम जनजीवन पर गर्मी का दबाव अभी भी बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति आने वाले दिनों में बदल सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में आंधी और हल्की बारिश के आसार

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 घंटों के भीतर मौसम बदलने की संभावना है। आंशिक बादल छाने के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
आज मंगलवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, तेज हवाएं (30 से 50 किमी प्रति घंटे) और बादलों की आवाजाही से गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
तापमान में गिरावट के बावजूद सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में दिल्ली के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है, लेकिन अचानक मौसम बदलाव और हीटवेव के प्रभाव को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
विशेषज्ञों ने लोगों को धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही सिर को ढककर रखने और डिहाइड्रेशन से बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया गया है, ताकि बदलते मौसम में स्वास्थ्य पर असर कम पड़े।









