🔴 LIVE: दवा कारोबारियों की हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट परेशान; बिहार में 40 हजार से ज्यादा मेडिकल दुकानें बंद

बिहार में दवा कारोबारियों की हड़ताल के कारण 40 हजार से ज्यादा मेडिकल दुकानें बंद हैं। पटना के IGIMS समेत कई अस्पतालों में मरीजों और अटेंडेंट्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
🔴 LIVE: दवा कारोबारियों की हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट परेशान; बिहार में 40 हजार से ज्यादा मेडिकल दुकानें बंद
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पटना-बिहार में दवा कारोबारियों की हड़ताल का असर अब साफ तौर पर अस्पतालों में दिखाई देने लगा है। राज्यभर में 40 हजार से ज्यादा मेडिकल दुकानें बंद होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राजधानी पटना के IGIMS के बाहर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों के अटेंडेंट दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कई लोगों ने बताया कि अस्पताल के आसपास की लगभग सभी मेडिकल दुकानें बंद हैं, जिससे जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

अस्पताल परिसर के बाहर मरीजों के परिजनों की लंबी भीड़ दिखाई दी। कुछ लोग डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं की पर्ची लेकर दुकानों के बंद शटर के सामने खड़े रहे, जबकि कई लोग दूसरे इलाकों में दवा खोजने निकल पड़े।

IGIMS में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए समय पर दवा नहीं मिलना बड़ी समस्या बन गया है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि निजी मेडिकल दुकानों के बंद होने से मरीजों की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं।

बताया जा रहा है कि दवा कारोबारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल के समर्थन में राज्य के कई जिलों में मेडिकल दुकानें बंद रखी गईं।

पटना समेत कई शहरों में मेडिकल स्टोर के बाहर सन्नाटा दिखाई दिया। आम दिनों में भीड़भाड़ रहने वाले इलाकों में बंद दुकानें लोगों की परेशानी बढ़ाती नजर आईं।

बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने लगा है।

अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे कई लोगों ने कहा कि सबसे ज्यादा दिक्कत गरीब और दूर-दराज से आने वाले मरीजों को हो रही है। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें कई किलोमीटर दूर जाकर दवा खरीदनी पड़ी।

सोशल मीडिया पर भी हड़ताल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई यूजर्स ने सरकार और दवा कारोबारियों से जल्द समाधान निकालने की अपील की है ताकि मरीजों को राहत मिल सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े किसी भी बड़े बंद का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। खासकर गंभीर मरीजों और इमरजेंसी मामलों में दवाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है।

बिहार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कई जिलों में अस्पतालों के आसपास अतिरिक्त निगरानी की जा रही है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।

फिलहाल हड़ताल जारी है और मरीजों के परिजनों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार और दवा कारोबारियों के बीच बातचीत को लेकर भी नजरें टिकी हुई हैं।

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