बिहार में भूमि सुधारों पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का कड़ा रुख, अधिकारियों को सजग रहने की दी चेतावनी

बिहार में भूमि सुधारों पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का कड़ा रुख, अधिकारियों को सजग रहने की दी चेतावनी

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार में भूमि सुधारों को प्रभावी और विवादरहित बनाने का कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 'भूमि सुधार जनकल्याण संवाद' की घोषणा की और अधिकारियों को सजग रहने, ढिलाई या विवाद पैदा न करने की चेतावनी दी। उनका फोकस जनता के हित में विभाग को स्वस्थ बनाने पर है।

Patna: बिहार में भूमि सुधार और राजस्व विभाग में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है। वे विभाग को जनता के हित में प्रभावी और विवादरहित बनाने पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सजग और जिम्मेदार होने की चेतावनी दी गई है।

सिन्हा ने स्पष्ट किया कि कोई दबाव उन्हें रोक नहीं सकता और उनका उद्देश्य विभाग को स्वस्थ बनाकर जनता के हित में काम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि विवादित जमीन को विवादित बनाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।

भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की घोषणा

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने 31 दिसंबर को सहरसा और उसके बाद 4 जनवरी को अन्य जिलों में ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ आयोजित करने की घोषणा की है। यह पहल जनता के बीच भूमि सुधारों की प्रक्रिया को पारदर्शी और विवादरहित बनाने के लिए की जा रही है।

सिन्हा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता के हित में काम करना सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने जितने संकल्प लिए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता और सजगता के साथ कार्य करें।

विभाग को स्वस्थ बनाने पर जोर

डिप्टी सीएम के कार्यक्रम से पहले विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी छुट्टी पर चले गए थे और कुछ बीमार भी हो गए। इस पर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सभी को स्वस्थ होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि विभाग स्वस्थ और प्रभावी होगा, तो जनता को भी इसका लाभ मिलेगा।

सिन्हा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विवादरहित जमीन को विवादित बनाने वाले बचेंगे नहीं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावना को चोट पहुंचाना नहीं है, बल्कि जनता के हित में विभागीय कामकाज को आगे बढ़ाना है।

दो चरणों में कामकाज की प्राथमिकता

विभागीय कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने दो चरणों में काम करने की योजना बनाई है। पहले चरण में दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामलों को निपटाया जा रहा है। दूसरे चरण में सरकारी जमीन के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

विभागीय मंत्री के निर्देश पर जिलास्तरीय अधिकारी भी पूरे एक्शन में हैं। 15 जनवरी तक दाखिल-खारिज के मामलों का निष्पादन युद्धस्तर पर किया जाएगा। सिन्हा ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे इस काम को गंभीरता और सजगता के साथ करें और जनता को किसी भी तरह की असुविधा न होने दें।

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