बिहार में नवविवाहिता की हत्या: पति ने गोली मारकर रची झूठी साजिश, पुलिस ने किया पर्दाफाश

बिहार में नवविवाहिता की हत्या: पति ने गोली मारकर रची झूठी साजिश, पुलिस ने किया पर्दाफाश

नवविवाहिता निराशा कुमारी की हत्या उसके पति ने ही विवाद के बाद नजदीक से गोली मारकर की। आरोपी ने घटना को बाहरी हमले जैसा दिखाने के लिए खिड़की तोड़ने और हथियार को झाड़ियों में फेंकने की झूठी कहानी तैयार की। FSL रिपोर्ट, क्राइम सीन एनालिसिस और शुरुआती तथ्यों से पुलिस ने साजिश को बेनकाब किया। आरोपी गिरफ्तार है और आगे की जांच जारी है।

bihar: भोजपुर जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर अगिआंव बाजार रविवार सुबह अचानक चीख-पुकार से गूंज उठा। 22 वर्षीय निराशा कुमारी, जिसे लोग प्यार से दुर्गावती बुलाते थे, अपने कमरे में खून से लथपथ मृत पड़ी मिली। परिवार और पड़ोसी पहले ही पल में सन्न रह गए—निराशा की शादी को अभी बमुश्किल छह महीने ही हुए थे। ससुराल पक्ष ने तुरंत दावा किया कि रात में बदमाश घर में घुसे और गोली मारकर भाग गए। लेकिन पुलिस को शुरुआत से ही कहानी में कई सवाल खटक रहे थे।

एसपी राज द्वारा बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस हाई-प्रोफाइल केस की परतें खुलीं। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक जांच, फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट, घटनास्थल के निरीक्षण और आरोपियों के बयान की विसंगतियों के आधार पर साबित हो गया कि हत्या घर के अंदर हुई थी, और वह भी किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा नहीं। पति मणि कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने पूछताछ में हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया है।

कमरे का क्राइम सीन

एफएसएल टीम के निष्कर्ष इस केस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। जिस कमरे में हत्या हुई, वह छोटा और सिर्फ एक बिस्तर वाला था। कमरे की खिड़की बंद थी और उसकी ग्रिल सुरक्षित मिली। न तो खिड़की के आसपास टूट-फूट, न बाहर से धक्का देने जैसा कोई संकेत। दीवारों, फर्श या खिड़की पर गोली लगने के निशान तक नहीं थे।

सबसे बड़ा तथ्य सामने आया गोली बाईं तरफ सिर से नजदीक से दागी गई थी। जबकि आत्महत्या की स्थिति में गोली आमतौर पर दाईं ओर से एंट्री करती है, खासकर जब पीड़िता दाहिने हाथ से काम करने वाली हो। इसके अलावा, कमरे में संघर्ष के कोई निशान नहीं थे, जिससे साफ था कि वारदात बेहद नजदीक से अंजाम दी गई और अचानक हुई।

पुलिस ने कमरे से खून से सने कपड़े, लकड़ी का एक भारी टुकड़ा, बिस्तर के हिस्से और अन्य नमूने जब्त किए। खून की दिशा और उसका एक जगह जमा होना यह दिखाता है कि वारदात कमरे में ही हुई और शव को कहीं खींचा या उठाया नहीं गया।

पति की कहानी में झोल बदमाशों की घुसपैठ से लेकर खिड़की तोड़ने तक

घटना के बाद पति ने पुलिस को बताया कि रात में बदमाश घर में घुस आए और उसकी पत्नी को गोली मारकर भाग निकले। उसने दावा किया कि खिड़की के शीशे तोड़े गए और गोली बाहर से चलाई गई। लेकिन घटनास्थल पर ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला।

जांच में सामने आया कि खिड़की के शीशे बाद में ईंट-पत्थर से तोड़े गए, ताकि ऐसा लगे कि किसी ने बाहर से हमला किया है। कमरे के बाहर कोई कारतूस, गोली का अवशेष, फुटप्रिंट या छींटे नहीं मिले। यह कहानी एकदम मनगढ़ंत पाई गई।

पूछताछ में पति बार-बार बयान बदलता रहा। अंततः उसने स्वीकार किया कि शनिवार रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद वह गुस्से में आया और सुबह हथियार उठाकर पत्नी को गोली मार दी।

हथियार और कारतूस झाड़ियों में फेंके

हत्या में इस्तेमाल देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, एक खोखा और गोली का आगे का हिस्सा पुलिस ने झाड़ियों से बरामद किया। आरोपी ने बताया कि गोली मारने के बाद उसने हथियार पॉलिथिन में रखा और घर के पीछे घनी झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि हत्या आत्महत्या या बाहरी हमले जैसी लगे।

सभी सबूत एफएसएल में जांचे गए, जिनके निशानों से साबित हुआ कि यह वही हथियार था जिससे हत्या की गई।

ससुर ने रची तीन थ्योरी, लेकिन सभी बेबुनियाद निकलीं

निराशा के ससुर चक्रवर्ती गुप्ता ने पुलिस को शुरू से तीन अलग-अलग कहानियां बताई, ताकि शक घर के अंदर की बजाय बाहरी लोगों पर जाए।

थ्योरी 1: कर्ज और धमकी का विवाद

ससुर ने बताया कि वे तिलक गांव के एक व्यक्ति से एक लाख रुपये कर्ज ले चुके थे और अभी 20 हजार बकाया था। कर्जदाता लगातार धमकी दे रहा था। उन्होंने दावा किया कि हत्या उसी विवाद में हुई।

पुलिस ने कर्जदाता की लोकेशन, कॉल डिटेल और मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले—कहीं भी उसे घटना से जोड़ने वाला आधार नहीं मिला।

थ्योरी 2: कर्जदाता द्वारा आपत्तिजनक प्रस्ताव

दूसरी कहानी में ससुर ने कहा कि कर्जदाता ने उनकी पत्नी से आपत्तिजनक मांग की थी और इसी तनाव के कारण हत्या हुई। लेकिन परिवार के अंदर इस दावे की पुष्टि किसी ने नहीं की और न ही कर्जदाता के खिलाफ ऐसा कोई सबूत मिला।

थ्योरी 3: रात में दो संदिग्धों को भागते देखना

तीसरे बयान में उन्होंने कहा कि रात 12 बजे घर के पीछे दो लोगों को भागते देखा। यह दावा भी पड़ोसियों के बयानों, CCTV कैमरों और पुलिस की टाइमलाइन जांच में गलत निकला।

विवाह और संबंध

निराशा की शादी 4 जून 2024 को पीरो के पचरुखिया गांव निवासी मणि कुमार से हुई थी। शुरुआती दिनों में सब ठीक था, लेकिन परिवारिक तनाव, कर्ज और घरेलू विवाद धीरे-धीरे बढ़ते गए।

पुलिस के अनुसार, हत्या से एक रात पहले पति-पत्नी में लंबे समय तक झगड़ा हुआ था। सुबह जब अन्य परिवारजन कमरे के बाहर थे, उसी दौरान पति ने पत्नी को गोली मारकर हत्या कर दी।

पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है। वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाते हुए चार्जशीट तैयार की जा रही है। एसपी ने कहा कि इस केस में किसी भी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता अब तक सामने नहीं आई है।

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